कानपुर में वर्षों से चल रहा फ्रॉड बेनकाब, ये खूबसूरत महिला तलाशती थी अपना शिकार, पढ़िए कैसे?

कानपुर: वर्षों से चला आ रहा डाकघर निवेश के नाम पर ठगी का मामला आखिरकार पुलिस की सक्रियता से सामने आ गया है। कानपुर सेंट्रल जोन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अनवरगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर डाकघर की योजनाओं का झांसा देकर लोगों से पैसे ठग रही थी।
यह कार्रवाई न केवल पीड़ितों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि साथ ही साथ आम जनता के बीच जागरूकता का संदेश भी देती है कि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना कितना आवश्यक है।
डाकघर योजनाओं के नाम पर भरोसे का दुरुपयोग
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी महिला खुद को डाकघर से जुड़ा हुआ बताकर लोगों को आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच देती थी। वह दावा करती थी कि यदि लोग उसके माध्यम से डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं में पैसा जमा करेंगे, तो उन्हें सुरक्षित और बेहतर रिटर्न मिलेगा।
हालांकि, वास्तव में यह एक सुनियोजित ठगी थी। धीरे-धीरे महिला ने कई लोगों से बड़ी रकम एकत्र कर ली, लेकिन वह पैसा न तो डाकघर में जमा किया गया और न ही पीड़ितों को कोई वैध दस्तावेज दिया गया।
पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे ठगी का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे फ्रॉड में महिला अकेली नहीं थी। उसका पति भी इस गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पति-पत्नी मिलकर लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर रकम हड़प लेते थे। इस प्रकार, यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत धोखाधड़ी नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध के रूप में सामने आया है।
पुलिस की सतर्कता से हुआ खुलासा
पुलिस को इस मामले की जानकारी तब मिली जब कुछ पीड़ितों ने अनवरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर पुलिस की मदद से लेन-देन और कॉल डिटेल्स की जांच की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, आरोपी महिला से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी में कुल कितनी रकम शामिल है और कितने लोग इसके शिकार हुए हैं।
लगातार जारी है अन्य पीड़ितों की तलाश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। इसलिए, ऐसे लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है जिन्होंने कभी इस दंपति के माध्यम से निवेश किया था। यदि कोई अन्य पीड़ित सामने आता है, तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस आर्थिक अपराध से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। इसके अतिरिक्त, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी अन्य बड़े नेटवर्क से तो नहीं है।
जानिए आम जनता के लिए पुलिस की अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। खासतौर पर सरकारी संस्थाओं जैसे डाकघर के नाम पर यदि कोई निजी व्यक्ति निवेश की पेशकश करता है, तो सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को दें।
पुलिस कार्रवाई से अपराधियों में यह गया संदेश
इस गिरफ्तारी से न सिर्फ पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि ऐसे लोगों में भी हड़कंप मचा है जो ठगी जैसे अपराधों में लिप्त हैं। यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



