Kanpur News: महाराजपुर विधानसभा में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण तेज: जानिए किसको दिया गया प्रशिक्षण

Kanpur News: कानपुर नगर के विधानसभा क्षेत्र 217 महाराजपुर में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के अगले चरण को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO), सुपरवाइजर और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया, ताकि पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को रखा गया ध्यान
दरअसल, मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नरवल विवेक कुमार मिश्रा द्वारा दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान आयोग के नवीनतम निर्देशों, कार्यप्रणाली और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
सभी को दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र में विशेष रूप से ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग, डिजिटल दस्तावेजों के अपलोड और फील्ड स्तर पर बीएलओ द्वारा की जाने वाली प्रक्रियाओं को समझाया गया। अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सकता है। इसके साथ ही सभी बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी पात्र मतदाताओं से फार्म-6 अनिवार्य रूप से भरवाएं, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मताधिकार से वंचित न रह जाए।
इसके अलावा, प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरणों में संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियों का निस्तारण नियमानुसार किया जाए। बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे स्थलीय सत्यापन के दौरान मतदाताओं से संवाद स्थापित करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
विशेष मामलों पर की गई गहन चर्चा
प्रशिक्षण में उन विशेष मामलों पर भी चर्चा की गई, जिनमें किसी मतदाता का नाम तो ड्राफ्ट सूची में शामिल है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी की 2003 की मतदाता सूची से संबंधित मैपिंग उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। बीएलओ को यह भी निर्देशित किया गया कि वे सभी नोटिसों की विधिवत तामील कराएं और आवश्यक अभिलेख एकत्र कर उन्हें मोबाइल पोर्टल पर समय से अपलोड करना सुनिश्चित करें।
पढ़िए किन बिंदुओं पर दिया गया जोर
वहीं, प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि निर्धारित केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को सही, स्पष्ट और अद्यतन जानकारी प्रदान की जाए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे मतदाताओं का अधिकतम सहयोग प्राप्त करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य बिना किसी असुविधा के संपन्न हो सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता जानकारी के अभाव में अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।
अंततः, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल नाम जोड़ना या हटाना नहीं है, बल्कि एक सटीक, विश्वसनीय और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। इससे आगामी चुनावों में निष्पक्षता और सुचारु मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगामी चरणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित बीएलओ, सुपरवाइजर और एईआरओ के माध्यम से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य समय पर और त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।



