कानपुर डबल मर्डर केस: रेल ट्रैक पर खत्म हुआ फरार आरोपी का खेल, इंस्पेक्टर ने गार्ड बनकर की गिरफ्तारी

कानपुर। घाटमपुर थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला और उसके ढाई साल के मासूम बेटे की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी न केवल त्वरित पुलिस कार्रवाई का उदाहरण बनी, बल्कि अपराधियों के लिए सख्त संदेश भी साबित हुई कि कानून से बचना अब आसान नहीं है।
बीते सोमवार की सुबह सामने आई इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। घरेलू विवाद के बाद आरोपी पति ने अपनी गर्भवती पत्नी और मासूम बच्चे की हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
रेलवे ट्रैक बना गिरफ्तारी का ठिकाना
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुरेन्द्र इलाके से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है और रेलवे ट्रैक के आसपास देखा गया है। इसके बाद घाटमपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार बिष्ट ने रणनीति के तहत स्वयं रेलवे गार्ड का भेष धारण किया और टीम के साथ ट्रैक किनारे निगरानी शुरू की।
कुछ ही देर बाद आरोपी वहां दिखाई दिया। जैसे ही उसे लगा कि वह सुरक्षित रास्ते पर है, पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। पूरी कार्रवाई बेहद संयम, सतर्कता और रणनीतिक सूझबूझ के साथ अंजाम दी गई।
तेज और साहसिक कार्रवाई से मिला स्पष्ट संदेश
इस पूरी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि कानपुर कमिश्नरी अपराध के मामलों में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पकड़ना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमवर्क और सही सूचना के आधार पर यह संभव हो सका।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वारदात के पीछे की पूरी परिस्थितियाँ क्या थीं और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या कारक शामिल था।
इलाके में फैली थी दहशत, पुलिस ने बहाल किया भरोसा
डबल मर्डर की इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल था। स्थानीय लोगों ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। ऐसे में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी से लोगों में राहत का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और साक्ष्यों को मजबूत करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील मामलों में सतर्कता है जरूरी
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते संवाद, काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग से कई ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी परिवार या आसपास के क्षेत्र में गंभीर विवाद या हिंसा की आशंका दिखे, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जारी है आगे की कार्रवाई
फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि केस को फास्ट-ट्रैक पर ले जाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।



