
लखनऊ: उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के फार्मा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई अहम घोषणाएँ की। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती ताकत और देश की नीति-स्थिरता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और वैश्विक शक्तियों के साथ विश्वसनीय सहयोग की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में हिस्सा लेते हुए प्रदेश में फार्मास्यूटिकल सेक्टर को और भी सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति की घोषणा की। इस आयोजन में औषधि, चिकित्सा उपकरणों और संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया।
भारत को ‘विश्वसनीय सहयोगी’ के रूप में स्वीकारा गया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के टैरिफ को घटाकर इसे विश्वसनीय सहयोगी के रूप में स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारत की बढ़ती ताकत का साफ संकेत है। उनका मानना है कि आज भारत पहले से कहीं अधिक सशक्त और प्रभावी बन चुका है और अब भारत अपनी नीति पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
योगी ने बताया कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर अडिग रहते हुए पूरी दुनिया को सहयोग और संवाद के लिए विवश कर रहा है। इस दौरान उन्होंने भारत की नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व को सबसे बड़ी ताकत बताया, जिससे राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहे हैं।
65,000 एकड़ भूमि माफियाओं से मुक्त
फार्मा कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमाफिया पर कड़ी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में जब वे सत्ता में आए, तब प्रदेश में जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा था और सरकार की विकास योजनाओं को लागू करने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया और एक सप्ताह में 65,000 एकड़ सरकारी भूमि को माफियाओं से मुक्त कराया। इससे प्रदेश में लैंड बैंक तैयार हुआ, जिसमें निवेश बढ़ाने के प्रयास किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने माफियाओं को 24 घंटे का समय दिया था कि वे सरकारी भूमि छोड़ दें, और यह कार्रवाई सफलता से पूरी हुई। आज वही जमीन प्रदेश के विकास में काम आ रही है।”
फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए एमओयू
फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में, विभिन्न फार्मास्यूटिकल कंपनियों के साथ 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के समझौते किए गए। इनमें प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा और बायोजेंटा लाइफ साइंसेज शामिल हैं, जिन्होंने 1,250-1,250 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया है। इसके अलावा, अन्य कंपनियों जैसे शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज, झानविका लैब्स, और कोरो हेल्थ ने भी उत्तर प्रदेश में निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई।
इन निवेशों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, हजारों नई नौकरियों के अवसर भी उत्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से राज्य के फार्मा सेक्टर में नवीनतम प्रौद्योगिकियों का समावेश होगा, जिससे प्रदेश एक प्रमुख फार्मा हब के रूप में उभर सकता है।
रोजगार और विकास में नए आयाम
फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 का उद्देश्य रोजगार सृजन और राज्य के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के इन प्रस्तावों से नवीनतम चिकित्सा उपकरणों, औषधियों और संबंधित क्षेत्रों में नई नौकरियों का सृजन होगा। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश को अब फार्मा निवेश का नया केंद्र बनने का अवसर मिलेगा, जो न केवल राज्य के विकास को गति देगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
यह है मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज, हम जो रास्ता तय कर रहे हैं, वह केवल उत्तर प्रदेश के विकास के लिए नहीं, बल्कि भारत के समग्र विकास के लिए है। फार्मा सेक्टर के माध्यम से हम दुनिया में एक नई पहचान बना रहे हैं। यह हमारी सरकार की समाज केंद्रित नीति का परिणाम है, जहां हम सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से प्रदेश के विकास को सशक्त बना रहे हैं।”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि प्रदेश में निर्णायक नेतृत्व के तहत सभी क्षेत्रों में सुधार हो रहा है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को फार्मा क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में देखा जाएगा।



