धर्म व ज्योतिष

मध्यप्रदेश में स्थित दुनिया का अद्भुत 360 डिग्री घुमने वाला शिवलिंग: तुरंत पढ़िए महादेव मंदिर का चमत्कार

हमारे देश में भगवान शिव के अनेक शिवलिंग प्रतिष्ठित हैं, लेकिन श्योपुर, मध्यप्रदेश स्थित गोविंदेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग पूरी दुनिया में अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। यह शिवलिंग 360 डिग्री घुमता है, यानी यह चारों दिशाओं में घूम सकता है, और इसे देखना व इसका दर्शन करना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। इस अद्वितीय शिवलिंग का रहस्य और उसकी पूजा पद्धति को जानने के लिए भक्तों का उत्साह निरंतर बढ़ता जा रहा है।

गोविंदेश्वर महादेव का अनोखा क्यों है शिवलिंग

श्योपुर जिले के छार बाग मोहल्ले में स्थित गोविंदेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित यह चमत्कारी शिवलिंग एक लाल पत्थर से बना हुआ है। यह दो भागों में विभाजित है— एक हिस्सा पिंड (मुख्य शिवलिंग) और दूसरा जलहरी (जल की धार)। यह शिवलिंग एक विशेष धुरी पर स्थापित है, जिस कारण यह चारों दिशाओं में घूम सकता है। विशेष बात यह है कि भक्त अपनी इच्छानुसार इस शिवलिंग को किसी भी दिशा में घुमा कर पूजा कर सकते हैं।

यहाँ का है इतिहास – पढ़ें 

इस शिवलिंग का इतिहास करीब 294 साल पुराना है। इसे 1722 में श्योपुर के गौड़ वंश के राजा पुरूषोत्तम दास द्वारा स्थापित करवाया गया था। शिलालेखों के अनुसार, यह शिवलिंग पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में बाम्बेश्वर महादेव के रूप में स्थापित था, और बाद में श्योपुर में स्थापित किया गया। राजा पुरूषोत्तम दास भगवान शिव के परम भक्त थे, और उनके योगदान से ही श्योपुर को शिव नगरी के रूप में जाना जाने लगा।

कैसे घुमता है शिवलिंग? – तुरंत आगे पढ़िए 

यह शिवलिंग अपने निर्माण के विशेष तरीके के कारण अपनी धुरी पर घूमता है। जलहरी का मुख कभी उत्तर, कभी दक्षिण, कभी पूर्व और कभी पश्चिम हो सकता है। पूजा करते वक्त भक्त इसे अपनी इच्छानुसार किसी भी दिशा में घुमा सकते हैं। यह विशेषता इस शिवलिंग को अन्य शिवलिंगों से अलग बनाती है, क्योंकि सामान्यत: अन्य शिवलिंगों की जलहरी का मुख स्थिर रहता है और वह केवल उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर ही स्थित होती है।

पढ़ें चमत्कारी विशेषताएं

गोविंदेश्वर महादेव शिवलिंग के बारे में कई चमत्कारी कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि एक बार साल में रात के समय मंदिर की घंटियां अपने आप बजने लगती हैं। पूजा के बाद शिवलिंग अपने आप घूमने लगता है। एक खास बात यह भी है कि इस शिवलिंग का मुख हमेशा दक्षिण दिशा की ओर रहता है, लेकिन कभी-कभी यह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर भी मुड़ जाता है।

इसे लेकर मान्यता है कि इस शिवलिंग की पूजा करने से पितृ दोष, सर्प दोष, गृह क्लेश और अन्य प्रकार के मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। भक्तों का विश्वास है कि यहां आकर पूजा करने से वे मानसिक शांति और जीवन में सुख-शांति पा सकते हैं।

जानिए कैसे करें शिवलिंग की चमत्कारी पूजा

इस अद्भुत शिवलिंग की पूजा विधि भी खास है। सबसे पहले भक्त इस शिवलिंग के पास पहुंचते हैं, जहां वे इसे अपनी इच्छानुसार घुमा सकते हैं। उसके बाद, भगवान शिव के मंत्रों का उच्चारण करते हुए उन्हें जल अर्पित किया जाता है। पूजा में खासतौर पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप किया जाता है। यह पूजा शांति और समृद्धि की कामना से की जाती है।

अनोखा है स्थान और अद्भुत है धार्मिक महत्व

गोविंदेश्वर महादेव मंदिर श्योपुर शहर के छार बाग मोहल्ले में स्थित है, जो एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि इस शिवलिंग की पूजा करने से उनके सभी दुखों का निवारण होता है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस स्थान का धार्मिक महत्व इतना अधिक है कि दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने के लिए आते हैं।

अंत में मिलता है आश्चर्यचकित करने वाला अनुभव

इस अद्वितीय और चमत्कारी शिवलिंग का दर्शन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि विज्ञान और कला की दृष्टि से भी एक आश्चर्यचकित करने वाला अनुभव है। मध्यप्रदेश का यह मंदिर न केवल भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि दुनिया भर में इसकी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है। यदि आप भी इस चमत्कारी शिवलिंग के दर्शन करना चाहते हैं, तो एक बार श्योपुर का यात्रा अवश्य करें।

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