तमिलनाडु से 6 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ISI की शह पर देश को दहलाने की साजिश का हुआ खुलासा

चेन्नई (तमिलनाडु): तमिलनाडु से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां खुफिया एजेंसियों ने 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों पर आरोप है कि वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और बांग्लादेशी आतंकी नेटवर्क के संपर्क में थे और देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इन आतंकियों के कब्जे से महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्रियां बरामद हुई हैं, जो आतंकी साजिश को साकार करने की योजना को उजागर करती हैं।
गिरफ्तारी की जानकारी
खुफिया एजेंसियों को कुछ समय से इन संदिग्धों के बारे में सूचना मिल रही थी कि वे आईएसआई के इशारे पर भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं। उनके खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही थी, जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया और इन आतंकियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद जांच में यह पता चला कि ये लोग बांग्लादेश और पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इनसे कई तरह के विस्फोटक और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनकी योजना बड़े आतंकी हमले की थी।
यह थी साजिश की योजना
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इन संदिग्ध आतंकियों की योजना विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर आतंकी हमले करने की थी। इनकी गतिविधियां भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंक फैलाने के लिए थीं, जिसमें प्रमुख शहरी क्षेत्रों को निशाना बनाने की योजना थी। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी पाया कि आतंकियों के पास कुछ ऐसे दस्तावेज थे, जो पाकिस्तानी एजेंट्स और बांग्लादेशी आतंकवादियों के साथ उनके संपर्क को प्रमाणित करते थे।
यह भी सामने आया है कि इन आतंकियों के पास से जो सामग्री बरामद हुई है, वह किसी बड़े आतंकी नेटवर्क द्वारा भेजी गई थी। पाकिस्तान के आईएसआई और बांग्लादेश के आतंकी संगठन के बीच सहयोग की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
जानिए किस प्रकार की सामग्री बरामद हुई
गिरफ्तार किए गए आतंकियों के पास से विस्फोटक सामग्री, आईडी कार्ड, और आईएसआई के निर्देशों वाली कागजी नोट्स भी बरामद की गई हैं। इसके अलावा, एक लिस्ट भी मिली है जिसमें कुछ प्रमुख स्थानों के नाम थे, जहां आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जा रही थी। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया, अन्यथा देश में एक बड़ी आपात स्थिति पैदा हो सकती थी।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि देश के सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे द्वारा की गई इस कार्रवाई से आतंकवादियों के नेटवर्क में सेंधमारी की गई है। हमें यकीन है कि इस गिरफ्तारी के बाद और भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।”
इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी इस ऑपरेशन की सराहना की है और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
आतंकी नेटवर्क और आईएसआई का हाथ
भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का नाम अक्सर सामने आता रहा है। इस मामले में भी सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेशी आतंकी नेटवर्क की शह पर यह साजिश रची जा रही थी। पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन और आईएसआई का नेटवर्क अक्सर भारत में आतंक फैलाने के लिए योजनाएं बनाता है, और बांग्लादेश भी इससे बचा नहीं है।
देश में सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंता
इस घटना ने एक बार फिर देश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खुफिया एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा अलर्ट है, क्योंकि आतंकवादियों के नेटवर्क का फैलाव अब और भी बढ़ सकता है। तमिलनाडु में हुई यह गिरफ्तारी यह साबित करती है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं, लेकिन जनता को भी अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।



