Ayodhya: राम लला के भोग प्रसाद की होगी फूड सेफ्टी जांच, जानिए शुद्धता के लिए कहां से आएगी स्पेशल टीम

Ayodhya News: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम लला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब राम लला के भोग प्रसाद की फूड सेफ्टी जांच कराई जाएगी। इसके लिए फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो जांच के बाद शुद्धता का प्रमाण पत्र जारी करेगा।
ट्रस्ट के महासचिव ने दी स्वीकृति
दरअसल, राम मंदिर ट्रस्ट ने इस जांच के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सहमति से यह फैसला लिया गया है। ट्रस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भगवान को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद न केवल धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो, बल्कि खाद्य सुरक्षा के सभी आधुनिक मानकों पर भी पूरी तरह खरा उतरे।
पढ़िए कब तक आ सकती है विशेष टीम
इस क्रम में जानकारी सामने आई है कि फरवरी माह में दिल्ली से फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की एक विशेष टीम अयोध्या पहुंचेगी। यह टीम राम मंदिर परिसर में भोग प्रसाद से जुड़ी हर प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण करेगी। सबसे पहले भोग प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सामग्री पूरी तरह शुद्ध, सुरक्षित और मानक अनुरूप है।
इस तरह से की जाएगी जांच
इसके अलावा, भोग प्रसाद बनाने की पूरी प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया जाएगा। इसमें रसोई की साफ-सफाई, भोजन पकाने के तरीकों, उपयोग किए जा रहे बर्तनों और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड सेफ्टी टीम यह भी जांच करेगी कि भोजन तैयार करते समय किसी भी प्रकार के प्रदूषण या अस्वच्छता की संभावना न हो।
इसी के साथ-साथ स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। रसोई क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए तय किए गए स्वास्थ्य और स्वच्छता नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, यह भी टीम की जांच का अहम हिस्सा होगा। इसके लिए भंडारियों, यानी मंदिर में भोग तैयार करने वाले रसोइयों की हेल्थ जांच कराई जाएगी।
भंडारियों का होगा स्क्रीनिंग टेस्ट
जानकारी के अनुसार, भंडारियों की स्किन डिजीज और टीबी जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। जांच में स्वस्थ पाए जाने वाले रसोइयों को ही फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोग प्रसाद तैयार करने में लगे सभी लोग पूरी तरह स्वस्थ हों और किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य जोखिम न हो।
राम मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि करोड़ों श्रद्धालु भगवान राम के भोग प्रसाद को अत्यंत श्रद्धा के साथ ग्रहण करते हैं। ऐसे में प्रसाद की शुद्धता और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी सोच के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
इसके पूर्व भी उठाए गए हैं महत्वपूर्ण कदम
गौरतलब है कि इससे पहले भी मंदिर प्रशासन द्वारा स्वच्छता और व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब फूड सेफ्टी जांच की प्रक्रिया शुरू होने से यह व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा मानक आधारित हो जाएगी। साथ ही यह कदम अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
श्रद्धालुओं की श्रद्धा के साथ स्वास्थ्य का रखा गया है ध्यान
अंततः कहा जा सकता है कि राम लला के भोग प्रसाद की फूड सेफ्टी जांच न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। आने वाले समय में जब दिल्ली से विशेष टीम जांच पूरी करेगी, तब फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिससे प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शंका नहीं रहेगी।



