बहराइच: मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाला मौलाना गिरफ्तार, भेजा गया जेल

रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता
बहराइच (उत्तर प्रदेश): जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल सलीम को यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से जुड़ी खबर ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। मौलाना को बिहार के भागलपुर क्षेत्र से पकड़ा गया और फिर बहराइच लाकर कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी की मेडिकल जांच के बाद उसे जेल भेज दिया।

यह घटना 2024 में घटित हुई थी, जब मौलाना अब्दुल सलीम ने एक वीडियो बनाकर योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मामला तूल पकड़ लिया। इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिलाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने 8 मार्च 2026 को कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
मौलाना की अभद्र टिप्पणी
मौलाना अब्दुल सलीम का विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बहराइच में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई अभद्र टिप्पणी ने पूरे प्रदेश में आक्रोश फैला दिया। वीडियो में किए गए शब्दों की आलोचना हर वर्ग से हुई, और इसके बाद विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने इस टिप्पणी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह घटना धार्मिक और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली मानी जा रही थी, और इस पर पुलिस प्रशासन ने जल्द ही कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि मौलाना की टिप्पणी ने समाज में नफरत और तनाव फैलाने का काम किया।
एसटीएफ ने की त्वरित कार्रवाई
यूपी एसटीएफ की टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की और आरोपी मौलाना अब्दुल सलीम को बिहार के भागलपुर जिले से गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बहराइच लाया गया और कोतवाली नगर पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और उसके खिलाफ ठोस सबूत जुटाए, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था, जिनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में अशांति फैलाने के आरोप शामिल हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
मौलाना की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रीय नेताओं और विभिन्न संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिलाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने कहा, “यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। किसी को भी धार्मिक और व्यक्तिगत सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। हम चाहते थे कि आरोपी को शीघ्र पकड़ा जाए, ताकि ऐसे बयानों का कड़ा विरोध हो सके।”

वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस मामले में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, यह आरोप लगाते हुए कि यह गिरफ्तारी केवल राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन और एसटीएफ ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस मामले में पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत दंडित किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया आरोपी
मौलाना अब्दुल सलीम को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा, जिसमें आरोपी की शारीरिक स्थिति की पुष्टि की गई। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। यह सुनिश्चित किया गया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए अदालत में पूरा सबूत पेश किया जाएगा। साथ ही, यह मामला राज्य की शांति बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द को कायम रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सामाजिक और धार्मिक समरसता को बढ़ावा देने की जरूरत
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि हमें सामाजिक और धार्मिक समरसता को बनाए रखने की जरूरत है। ऐसे मामलों में समाज के हर वर्ग को संवेदनशील और जिम्मेदार तरीके से प्रतिक्रिया देनी चाहिए। किसी भी समुदाय या व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने से समाज में टकराव और तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसलिए, इस तरह के विवादों को हल करने के लिए संवाद और समझदारी की आवश्यकता है।

यह मामला यह भी दर्शाता है कि समाज में हो रहे असहमति और विवादों के बावजूद, कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई जरूरी है। जब किसी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जाती है, तो इसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना और दोषियों को सजा दिलवाना राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मौलाना अब्दुल सलीम की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार के धार्मिक या व्यक्तिगत अपमान को सहन नहीं करेगा। इस घटना ने समाज के विभिन्न हिस्सों को जागरूक किया है और यह संदेश दिया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।



