बलिया: वृहद विधिक सहायता शिविर का हुआ आयोजन, DM, जिला जज और एसपी ने किया निरीक्षण

रिपोर्ट – जितेन्द्र चतुर्वेदी
बलिया (उत्तर प्रदेश): बलिया में आज एक विशेष वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिला जज अनिल कुमार झा और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने निरीक्षण किया। इस शिविर का आयोजन गंगा बहुउद्देशीय सभागार बलिया में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर किया गया। शिविर का उद्देश्य जिले में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक करना और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
विभिन्न विभागों और पुलिस विभाग का भी मिला योगदान
इस कार्यक्रम में बलिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पुलिस विभाग और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ मिलकर जागरूकता कैम्प आयोजित किए गए। इस शिविर में मिशन शक्ति, यातायात नियम, साइबर जागरूकता, और महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिविर के माध्यम से स्थानीय लोगों को इन योजनाओं और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

जानिए जागरूकता अभियान का उद्देश्य
जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रखना, उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देना और सरकारी योजनाओं के लाभ से अवगत कराना था। शिविर में विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के लिए साइबर सुरक्षा, मिशन शक्ति, डायल 112 और यातायात नियमों के बारे में शिक्षा दी गई। बलिया पुलिस ने साइबर अपराधों से बचने के उपाय, ऑनलाइन सुरक्षा, और सोशल मीडिया के सही उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान की।
मिशन शक्ति अभियान पर भी दिया गया जोर
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। यह अभियान महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एक अहम कदम है। बलिया पुलिस ने इस अभियान के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी और उन्हें आत्मरक्षा के उपायों से भी अवगत कराया।
यातायात नियमों और सुरक्षा पर हुई चर्चा
इसके साथ ही यातायात नियमों के पालन को लेकर भी विशेष जानकारी दी गई। बलिया पुलिस ने लोगों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट पहनने की आवश्यकता और यातायात के अन्य महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया। पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और नियमों का पालन करना होगा।
साइबर जागरूकता अभियान के तहत किया गया जागरूक
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया। इस अभियान के दौरान, लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के बारे में बताया गया। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के तरीके बताए गए।

जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों का रहा योगदान
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिला जज अनिल कुमार झा और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने इस शिविर का निरीक्षण करते हुए इसके उद्देश्य को सराहा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आम जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह न केवल उन्हें सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें उनकी सुरक्षा और अधिकारों के बारे में भी जागरूक करते हैं। उन्होंने इस शिविर के आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस विभाग की सराहना की।
सुरक्षा की दिशा में बढ़ाया गया है कदम
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा कि यह शिविर समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल समाज के विभिन्न वर्गों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम कर रहा है, और ऐसे शिविरों के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध बनेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में डायल 112 पर कॉल करें और तुरंत मदद प्राप्त करें।



