कानपुर में दिखा भगवती मानव कल्याण संगठन का नशा मुक्ति अभियान: नशामुक्त प्रदेश के लिए उठाया शंखनाद

कानपुर, उत्तर प्रदेश: भगवती मानव कल्याण संगठन ने 14 फरवरी 2026 को गोविंद नगर रामलीला मैदान से विशाल नशामुक्त पदयात्रा का आयोजन किया। इस पद यात्रा का उद्देश्य नशामुक्त, अपराध मुक्त और खुशहाल प्रदेश का निर्माण था, और इसके माध्यम से संगठन ने समाज में नशे के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश की। यात्रा में हजारों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने नशामुक्त परिवार और समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
नशामुक्त प्रदेश की मांग – पदाधिकारी
भगवती मानव कल्याण संगठन ने इस पद यात्रा के दौरान नशामुक्त प्रदेश की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट रूप से यह कहा कि नशे को बढ़ावा देने वाली नीतियां समाज के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। संगठन के केंद्रीय महासचिव अजय अवस्थी ने इस अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि कानपुर, क्रांतिकारियों की धरती है, और यहां से नशामुक्त प्रदेश की शंखनाद की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, और यह अपराधों के बढ़ने का मुख्य कारण है।
अजय अवस्थी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रदेश में शराब का वितरण करके राजस्व जुटाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह नशे की बढ़ती समस्या का मुख्य कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि नशा दुर्घटनाओं का कारण है, और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के पीछे भी नशे की आदत है। उन्होंने मांग की कि सरकार को समाज में नशे को बढ़ावा देने वाली नीतियों को खत्म करना होगा।
राम मंदिर के बाद नशे की बढ़ती समस्या – पूजा शुक्ला
नशामुक्त पद यात्रा की अगुवाई कर रही भगवती मानव कल्याण संगठन की केंद्रीय अध्यक्ष पूजा शुक्ला ने सरकार की शराब नीति का विरोध किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की स्थापना के बाद भी उत्तर प्रदेश में शराब के ठेके खोलकर सरकार समाज को नशेड़ी और अपराधी बना रही है। पूजा शुक्ला ने माननीय मुख्यमंत्री से अपील की कि उत्तर प्रदेश को नशा मुक्त प्रदेश घोषित किया जाए और नशे को बढ़ावा देने वाली नीतियों को बंद किया जाए।

पूजा शुक्ला ने महिलाओं की स्थिति पर भी बात की और कहा कि नशे के कारण सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं हैं। नशे के कारण किसी का भाई और किसी का बेटा बर्बाद हो रहा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस अभियान में शामिल होकर नशामुक्त समाज का निर्माण करने में मदद करें।
जानिए भगवती मानव कल्याण संगठन का मिशन
भगवती मानव कल्याण संगठन के संस्थापक योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के नेतृत्व में यह संगठन पिछले 30 वर्षों से समाज को नशा मुक्त और मांसाहार मुक्त बनाने का कार्य कर रहा है। संगठन ने लाखों परिवारों को आध्यात्मिक जागरूकता दी है और धर्म विहीन समाज के लिए कार्य किया है।
पूजा शुक्ला ने इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नारी शक्ति का आवाहन करते हुए कहा कि महिलाओं को नशे के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बताया कि नशे के कारण महिलाएं सबसे ज्यादा पीड़ित हो रही हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि वे इस अभियान में जुड़कर नशा मुक्त परिवार और खुशहाल समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री से की नशा मुक्त प्रदेश की मांग
इस अभियान में चेतना आरुणि ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश को नशा मुक्त प्रदेश बनाने की मांग की। साथ ही, उन्होंने गौ हत्या पर भी चिंता जताते हुए सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की भी मांग की।
कार्यक्रम में देश-प्रदेश से आए हुए कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संगठन के उद्देश्य को सफल बनाने में योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न संतों और महात्माओं ने नशामुक्त समाज के लिए शुभकामनाएं दीं और संगठन की पहल का स्वागत किया।



