
“न्यूज़ डेस्क”
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथियों (25, 26 और 27 मार्च) पर उत्तर प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश के भक्तजन माता की आराधना में भाग लेने के लिए अपने-अपने जनपदों के मंदिरों में उमड़ेंगे।
केंद्रित रूप से आयोजित इस आयोजन में देवी गीत, भजन, दुर्गा सप्तशती पाठ और शक्ति आराधना के साथ-साथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। संस्कृति विभाग ने इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और कलाकारों का चयन भी कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर विशेष रूप से आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “मिशन शक्ति” से इस आयोजन को जोड़कर उनकी भागीदारी को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है।

प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में होगा आयोजन
इस चैत्र नवरात्रि पर प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें विंध्यवासिनी देवी (मीरजापुर), ज्वाला देवी (सोनभद्र), सीता समाहित स्थल (भदोही), अलोपी देवी (प्रयागराज), कड़ावासिनी (कौशांबी), पाटेश्वरी देवी (देवीपाटन, बलरामपुर), ललिता देवी (नैमिषारण्य, सीतापुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), कात्यायनी देवी (मथुरा), मां शीतला चौकिया धाम (जौनपुर), बेल्हा देवी (प्रतापगढ़), चंडिका देवी (उन्नाव), विशालाक्षी देवी (वाराणसी), देवकाली मंदिर (औरैया), मां तरकुलहा देवी धाम (गोरखपुर), मां शिवानी देवी (चित्रकूट), गायत्री शक्तिपीठ (हमीरपुर), बैरागढ़ माता (जालौन), कुष्मांडा देवी (घाटमपुर, कानपुर), शीतला माता मंदिर (मैनपुरी), चामुंडा माता मंदिर (फिरोजाबाद), बीहड़ माता मंदिर (फिरोजाबाद), चंद्रिका देवी मंदिर व संकटा देवी मंदिर (लखनऊ) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
होगी भरपूर जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में आमजन की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस, नगर निगम एवं संबंधित विभागों को समय पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “मिशन शक्ति” अभियान को इस आयोजन से जोड़ा गया है।
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशानुसार, मंदिरों में लोक कलाकारों, भजन मंडलियों और कीर्तन मंडलियों का चयन किया गया है। इस प्रकार यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होगा, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

सुविधाओं और स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रदेश के सभी देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय पर सुनिश्चित करें। विशेष तौर पर कतारबद्ध श्रद्धालुओं के लिए धूप से बचाव, पेयजल और छाजन की व्यवस्था, साफ-सफाई, ध्वनि व प्रकाश व्यवस्था, बैठने के लिए दरी-बिछावन और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इस वर्ष देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकम्भरी देवी मंदिर (सहारनपुर), विंध्यवासिनी देवी धाम (मिर्जापुर) सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस कारण अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति की भी योजना बनाई गई है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व
चैत्र नवरात्रि के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय कला और संस्कृति का संवर्धन करेंगे। इनमें भजन, कीर्तन, नाट्य प्रस्तुति और लोक नृत्य शामिल हैं। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक उत्सव को जीवंत बनाएंगे, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सम्मान के संदेश को भी मजबूत करेंगे।
इसके अलावा, संस्कृति विभाग ने सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली है और हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सांस्कृतिक उत्सव का बनेगा प्रतीक
इस प्रकार चैत्र नवरात्रि 2026 उत्तर प्रदेश के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत स्थानीय प्रशासन और संस्कृति विभाग मिलकर हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। यह आयोजन न केवल भक्तों की आस्था को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता भी बढ़ाएगा।



