
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिना अत्यधिक आवश्यकता के वृक्षों की कटान न की जाए और यदि किसी परियोजना में पेड़ काटना अपरिहार्य हो, तो उससे अधिक संख्या में पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए।
पर्यावरण संरक्षण पर रहा सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान दो टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर पर्यावरण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि परियोजनाओं की योजना बनाते समय पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन अनिवार्य रूप से किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वृक्षों की कटान केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही की जाए। यदि किसी सड़क या अन्य परियोजना में पेड़ काटने की मजबूरी हो, तो संबंधित विभाग पहले से वैकल्पिक पौधरोपण की ठोस योजना तैयार करें।
कटान से अधिक पौधरोपण को किया अनिवार्य
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जितने वृक्ष काटे जाएं, उससे **अधिक संख्या में पौधरोपण** किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों की होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि पौधरोपण अभियान की नियमित निगरानी की जाए और इसकी प्रगति की रिपोर्ट शासन स्तर पर प्रस्तुत की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य वास्तव में जमीन पर उतर रहे हैं।
NHAI सड़क परियोजनाओं की भी की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने NHAI द्वारा संचालित सड़क परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास और आवागमन की रीढ़ हैं, इसलिए इनमें अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं में बाधाएं आ रही हैं, उनका समाधान आपसी समन्वय से तत्काल किया जाए।
पढ़िए नियमित समीक्षा के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए कहा कि संबंधित जिलों के जिलाधिकारी सड़क परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें। इसके अलावा, मुख्य सचिव स्तर पर इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा की जाएगी, ताकि कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों का उद्देश्य केवल रिपोर्ट लेना नहीं, बल्कि समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान करना होना चाहिए।
भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता पर है जोर
भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों से सीधा संवाद किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के बिचौलियों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और उन्हें पूरी जानकारी, उचित मुआवजा और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवाद और पारदर्शिता से ही भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।
जवाबदेही और सुशासन पर किया फोकस
सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि सुशासन स्थापित करना भी है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें और जनता को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
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