गर्मी बढ़ने से बिजली मांग में आई उछाल, यूपी सरकार हुई अलर्ट; बेहतर आपूर्ति के लिए दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में तेजी दर्ज की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार ने समय रहते व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यूपी में बिजली आपूर्ति तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।

सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के चरम समय में भी उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए ट्रांसफार्मरों की निगरानी, रखरखाव और तकनीकी सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पावर विभाग को सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गर्मियों से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से ट्रांसफार्मरों की स्थिति पर नजर रखने, ओवरलोडिंग रोकने और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस पर रहेगा विशेष फोकस
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त बजट जारी किया है।

इसके अलावा, प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर फ्यूज और टेललेस यूनिट लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी खराबी की स्थिति में त्वरित पहचान और समाधान संभव हो सके। यदि किसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर फुंकने की घटना सामने आती है और उसमें लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधूरे कार्यों पर जिम्मेदारी तय
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां-जहां विद्युत परियोजनाएं अधूरी हैं या कार्य की गति धीमी है, वहां संबंधित फर्मों और कंपनियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

यदि कार्य समय पर पूर्ण नहीं हुआ, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित अभियंताओं और अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
राजधानी लखनऊ में विशेष निगरानी
राजधानी लखनऊ में ट्रिपिंग की समस्या को रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रमुख उपकेंद्रों और फीडरों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, तकनीकी टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके। गर्मी के चरम समय में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आपूर्ति बनाए रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पर्याप्त कर्मियों रहेगी की तैनाती
बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में तकनीकी और फील्ड कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मरम्मत दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैनात किया जा रहा है।

साथ ही, कंट्रोल रूम की सक्रियता बढ़ाई गई है ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। इससे न केवल सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
विद्युत दुर्घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस
ऊर्जा विभाग ने विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की है। खुले तार, ढीले कनेक्शन और जर्जर उपकरणों की पहचान कर उन्हें समय रहते ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे अनधिकृत कनेक्शन या ओवरलोडिंग से बचें। विभाग का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करने से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
बढ़ती मांग के बीच रणनीतिक योजना
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। ऐसे में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग में और वृद्धि संभावित है।

इसीलिए, विभाग ने पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए लोड मैनेजमेंट की रणनीति तैयार की है। जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और लाइनें स्थापित की जाएंगी।
जानिए उपभोक्ताओं के लिए संदेश
सरकार और पावर विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें। अनावश्यक उपकरणों को बंद रखें और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाएं। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि ग्रिड पर दबाव भी कम होगा।

समग्र रूप से देखें तो गर्मी बढ़ने के साथ बिजली मांग में आई तेजी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने समय रहते व्यापक और ठोस कदम उठाए हैं। ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस, तकनीकी निगरानी, जवाबदेही तय करने और सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यदि ये तैयारियां निर्धारित समय में प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। सरकार की सक्रियता यह संकेत देती है कि इस बार गर्मियों में बिजली संकट की संभावना को कम करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।



