जालौन में ‘किसान मार्ट मेला’ में अश्लीलता का तड़का, लुभाने के लिए नचा दी बार-बाला

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित ‘किसान मार्ट मेला’ में एक विवादित घटना सामने आई है। इस मेले के दौरान किसानों को आकर्षित करने के लिए बार-बालाओं के अश्लील डांस का आयोजन किया गया, जिसे देखकर दर्शक हैरान रह गए। मेला आयोजकों का यह तरीका सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का शिकार बन गया और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या किसानों के लिए इस तरह के कार्यक्रम उचित हैं?
किसान मार्ट के नाम पर आयोजित इस मेले में किसानों को विभिन्न कृषि उत्पादों और तकनीकी जानकारी से अवगत कराने का दावा किया गया था, लेकिन जो कुछ हुआ, वह सभी की उम्मीदों से बिल्कुल विपरीत था। किसानों को आकर्षित करने के लिए बार-बालाओं ने मंच पर अश्लील डांस किया, जो न केवल गलत था, बल्कि पूरी मर्यादा को भी तार-तार कर रहा था।
किसान मार्ट मेला: एक फूहड़ प्रदर्शन
‘किसान मार्ट मेला’ के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम में जहां एक ओर कृषि संबंधित जानकारी और उत्पादों की प्रदर्शनी होनी चाहिए थी, वहीं दूसरी ओर मंच पर बार-बालाओं के अश्लील डांस ने माहौल को पूरी तरह से बिगाड़ दिया। डांस के दौरान दिखाई गई अश्लीलता ने न केवल किसानों की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि आयोजकों की नीयत और उद्देश्य पर भी सवाल उठाए।
समारोह के दौरान मंच पर अश्लील डांस और उत्तेजक प्रदर्शन देख दर्शक हैरान थे। इस तरह का आयोजन किसानों के सम्मान के विपरीत था, जिनकी मेहनत और समर्पण से देश की कृषि व्यवस्था चलती है। किसानों की समस्याओं और जरूरतों पर चर्चा करने के बजाय, उन्हें इस तरह के फूहड़ नृत्य का हिस्सा बनाया गया, जो उनकी गरिमा के खिलाफ था।
पुलिस और प्रशासन की चुप्पी
इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी। आयोजकों ने बिना किसी रोक-टोक के इस अश्लील डांस कार्यक्रम का आयोजन किया और पुलिस ने भी इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यह साफ था कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस प्रकार के कार्यक्रमों पर नजर रखने में पूरी तरह असफल रहे, जिससे आयोजनकर्ताओं का हौसला और भी बढ़ा।
किसान मेले के नाम पर आयोजित इस तरह के अश्लील कार्यक्रम के प्रति लोगों की नाराज़गी स्पष्ट रूप से सामने आई। लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना की और प्रशासन से सवाल पूछा कि कैसे इस तरह के आयोजनों को अनुमति दी गई।
किसान और समाज के बीच गलत संदेश
किसान, जो अपने खेतों में दिन-रात मेहनत करते हैं, उनकी गरिमा और सम्मान को इस तरह के कार्यक्रमों से ठेस पहुंचाई गई। यह घटना दर्शाती है कि हमारे समाज में किसानों के प्रति सम्मान की कमी है। जो लोग उनके लिए काम कर रहे हैं, उन्हें इस तरह के अश्लील कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है, जो उनकी सामाजिक स्थिति और मेहनत का मजाक उड़ाता है।
साथ ही, इस तरह के आयोजनों से समाज में गलत संदेश भी जाता है। किसानों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान ढूंढना होना चाहिए, लेकिन इस मेले में जो हुआ, वह इसका ठीक उल्टा था।
आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से स्थानीय लोग और किसान संघ इस आयोजन के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह के आयोजनों ने किसानों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। साथ ही, लोग प्रशासन से भी यह सवाल कर रहे हैं कि कैसे इस कार्यक्रम को अनुमति दी गई और क्यों इस तरह के आपत्तिजनक गतिविधियों को रोका नहीं गया।
किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसानों की गरिमा के खिलाफ कोई भी आयोजन अनुमति प्राप्त न हो।



