कानपुर देहात: नाहीं गांव के इंद्रजीत सिंह परिहार की मेहनत लाई रंग – पुलिया चौड़ीकरण को मिली मंजूरी

“न्यूज़ डेस्क”
कानपुर देहात: ग्रामीण इलाकों में सड़कों और पुलों का विकास हमेशा से ही लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी दिशा में अब कानपुर देहात के नाहीं गांव के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। ग्रामसभा नाहीं, ज्युनियाँ और रतवा के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता इन्द्रजीत सिंह परिहार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत **हृदयपुर से नाहीं गांव तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। इस सड़क की कुल लंबाई 7.430 किलोमीटर है और अनुमानित लागत 781.21 लाख रुपये रखी गई है।
सड़क निर्माण का कार्य तो चल रहा है, लेकिन गांव में मौजूद नहर की सकरी पुलिया भारी वाहनों के आवागमन में बड़ी बाधा बन रही थी। इसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं और कृषि संबंधी कामों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
पुलिया की समस्या और ग्रामीणों की चिंता
गांव के लोगों ने बताया कि नहर पर बनी वर्तमान पुलिया बहुत ही संकरी है, जिससे कृषि यंत्रों और अन्य भारी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। खासकर मानसून के समय पुलिया के पास पानी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप कृषि उपज बाजार तक नहीं पहुंच पाती, और ग्रामीणों को आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उनका कोई ध्यान नहीं गया। ऐसे में उन्होंने अपने प्रतिनिधि इन्द्रजीत सिंह परिहार के माध्यम से उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।
मंत्री राकेश सचान से की मुलाकात और संज्ञान
ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर इन्द्रजीत सिंह परिहार ने माननीय राकेश सचान, जो कि कानपुर देहात के कैबिनेट मंत्री हैं, से पुखरायां में आयोजित जनता दरबार में मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मंत्री को पुलिया की संकरी अवस्था और इससे होने वाली कठिनाइयों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
मंत्री राकेश सचान ने तुरंत इस मुद्दे का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करके पुलिया चौड़ीकरण का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि पुलिया के चौड़ीकरण के बाद भारी वाहन आसानी से गांव तक पहुँच सकेंगे, जिससे ग्रामीणों की कई परेशानियाँ तुरंत हल हो जाएँगी।
ग्रामीणों ने व्यक्त किया आभार
इस पहल के बाद नाहीं गांव के सभी ग्रामीणों ने मंत्री राकेश सचान और इन्द्रजीत सिंह परिहार का धन्यवाद किया। इस अवसर पर गांव के कई प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे जिनमें हरिभान सिंह, हरीपाल सिंह, तरबाबू, रामसेवक सविता, धर्मेंद्र कुरील, रामकरन सिंह, पुत्तीलाल प्रजापति, बलबीर चौहान और उदयवीर सिंह शामिल थे। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण कल्याण और स्थानीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
विकास की दिशा में दिख रहा है अहम कदम
गांव में पुलिया चौड़ीकरण सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को सुधारने वाला एक बड़ा कदम है। चौड़ी पुलिया के बनने के बाद न केवल भारी वाहन आसानी से आवागमन कर पाएंगे, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी मदद त्वरित रूप से पहुंच सकेगी। इससे ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में भी लाभ होगा।
इसके अलावा, सड़क और पुलिया के बेहतर निर्माण से गांव और आसपास के इलाकों के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास में भी वृद्धि होगी।
मिल रहा है प्रशासन और ग्रामीणों का सहयोग
इस पूरे मामले में यह देखा गया कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिनिधियों की पहल ने सरकार की नीतियों को जमीन पर लागू करने में मदद की। ग्रामीणों ने दिखाया कि अगर सही समय पर और सही मंच पर अपनी समस्या को उठाया जाए तो उसका समाधान संभव है।
विशेष रूप से, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं का उद्देश्य ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के माध्यम से संपर्क सुधारना है। हालांकि कई बार स्थानीय स्तर पर समस्याएँ सामने आती हैं, लेकिन प्रशासन और जनता के बीच संवाद इन्हें हल करने में कारगर साबित होता है।
गांव में जाग चुकी है उम्मीद की नई किरण
नाहीं गांव में पुलिया चौड़ीकरण का यह कदम ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। यह न केवल उनके जीवन में सहजता लाएगा बल्कि कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने इस अवसर पर कहा कि वे भविष्य में भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक और संवेदनशील प्रतिनिधियों के माध्यम से संपर्क बनाए रखेंगे।
इस प्रकार, नाहीं गांव की पुलिया चौड़ीकरण की योजना एक प्रेरक उदाहरण है कि कैसे स्थानीय नेतृत्व, प्रशासन और योजना-निर्माण की सही दिशा से ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।



