यूपीशहर व राज्य

कानपुर ESI अस्पताल: 367 करोड़ का सफेद हाथी, जानिए बदहाली और कुव्यवस्था की पूरी कहानी

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर का ESI (Employee State Insurance) अस्पताल, जो कभी जिले के मजदूरों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र था, अब एक खंडहर और बदहाली का प्रतीक बन चुका है। करीब ₹367 करोड़ की लागत से बना यह अस्पताल आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण गंभीर सवालों के घेरे में है। अस्पताल की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि यह एक सस्ती नाली नर्क जैसा प्रतीत होता है, जहां मरीजों को इलाज से अधिक स्वास्थ्य समस्याएं मिल रही हैं।

200 करोड़ की लागत से बना ESI अस्पताल, पांडु नगर की बदहाली में डूबा

कानपुर के पांडु नगर क्षेत्र में स्थित ESI अस्पताल का निर्माण 200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था, लेकिन आज यह अस्पताल एक गंदे और जर्जर हालत में है। अस्पताल के परिसर में जलभराव, गंदगी, नाली का पानी बहता हुआ और स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अस्पताल के वॉर्ड्स और उपचार कक्षों में गंदगी और बदबू का माहौल है, जो मरीजों और उनके परिजनों के लिए असहनीय है।

अस्पताल के निर्माण में खर्च की गई बड़ी राशि और उसके बाद की घटिया देखभाल ने इसे एक सफेद हाथी बना दिया है। जिस उद्देश्य से इसे तैयार किया गया था, वह उद्देश्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इसकी स्थिति देखकर यह सवाल उठता है कि आखिर सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस अस्पताल की सही स्थिति से क्यों अनजान हैं?

क्या स्वास्थ्य मंत्री सो रहे हैं?

यहां यह सवाल भी उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार इस बदहाली पर ध्यान दे रहे हैं? क्या उन्हें यह नहीं दिख रहा कि यह अस्पताल न केवल मरीजों के लिए असुरक्षित बन चुका है, बल्कि यहां की अव्यवस्था और गंदगी भी कानपुर जैसे मेट्रो सिटी की छवि को धूमिल कर रही है? आखिर क्यों अस्पताल के रख-रखाव और उसके सुधार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है?

स्वस्थ भारत का सपना चूर: अस्पताल में कुव्यवस्था की स्थिति

केंद्र सरकार का ‘स्वस्थ भारत’ मिशन जो स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और देश में हर नागरिक को उचित चिकित्सा सुविधाएं देने का उद्देश्य रखता है, कानपुर के इस ESI अस्पताल की बदहाली के कारण फेल हो रहा है। जहां एक ओर सरकार ने अस्पतालों के निर्माण के लिए भारी धनराशि आवंटित की, वहीं दूसरी ओर उसे ठीक से बनाए रखने और चलाने में नाकाम रही है। यह सिर्फ एक अस्पताल की समस्या नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में गहरे खामियों को उजागर करता है।

200 करोड़ की लागत स्वाहा, ESI अस्पताल अब मौत का कुआं

इस अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बजाय संक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अस्पताल, आज मरीजों के लिए मौत के कुएं जैसा बन चुका है। अस्पताल की जर्जर हालत और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी ने इसे एक नर्क बना दिया है, जहां मरीजों को इलाज की बजाय बीमारी मिल रही है।

यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वच्छ पानी, साफ-सफाई, और उचित चिकित्सा सेवाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल की स्थिति का आकलन करते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह अस्पताल नहीं बल्कि एक बड़ा कूड़े का ढेर बन चुका है।

कानपुर मेट्रो सिटी का नर्क मॉडल ESI अस्पताल

कानपुर, जिसे अब मेट्रो सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, का यह ESI अस्पताल उसकी स्वास्थ्य सेवाओं की असल स्थिति का चेहरा बन चुका है। कानपुर में मेट्रो परियोजना और विकास की दिशा में कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं का जो हाल है, वह बहुत निराशाजनक है। इस अस्पताल की जर्जर स्थिति ने कानपुर की विकास यात्रा को शर्मसार किया है।

MoHFW से सवाल: क्या मजदूरों के हक के पैसे कूड़े में फेंक दिए गए हैं?

इस पूरे मामले में सवाल यह भी उठता है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW) को इस अस्पताल की स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? क्या मजदूरों के हक के पैसे, जो ESI के जरिए उनके इलाज के लिए एकत्र किए गए थे, सिर्फ कूड़े में फेंक दिए गए हैं? क्या सरकार इस गंभीर मामले पर कोई ठोस कदम उठाएगी?

कानपुर प्रशासन के लिए चुनौती बना अस्पताल 

कानपुर का ESI अस्पताल एक बार फिर से सरकार और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। 367 करोड़ की लागत से बने इस अस्पताल की बदहाली इस बात का प्रमाण है कि कहीं न कहीं व्यवस्था में भारी लापरवाही हो रही है। अगर इस अस्पताल का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण और सुधार नहीं किया गया, तो यह लाखों लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। कानपुर के नागरिक अब इस समस्या के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके और इस अस्पताल को फिर से अपने उद्देश्य के अनुरूप बनाया जा सके।

UP Now

Upnownews.com एक स्वतंत्र न्यूज़ चैनल है, जो आपको सबसे तेज और सटीक खबरें प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य है कि हम दुनिया भर की महत्वपूर्ण और प्रासंगिक खबरें आप तक पहुँचाएँ। राजनीति, मनोरंजन, खेल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, और अन्य विषयों पर हमारी निष्पक्ष और प्रमाणिक रिपोर्टिंग हमें सबसे अलग बनाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button