कानपुर में एक माह से लापता है 17 वर्षीय छात्रा, परिजनों ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का लगाया आरोप

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक 17 वर्षीय इंटर की छात्रा पिछले एक महीने से लापता है। छात्रा 19 जनवरी को कोचिंग क्लास के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह किसी से संपर्क में नहीं आई। परिजनों के मुताबिक, छात्रा का आखिरी फोन कॉल 19 जनवरी को शाम 5:40 बजे हुआ था, इसके बाद से उनका फोन बंद है और परिवार वाले उनकी तलाश में परेशान हैं। इस मामले में कानपुर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगी और मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
मामला दर्ज होने के बाद भी नहीं मिली प्रगति
कानपुर पुलिस ने 23 जनवरी को लापता छात्रा का मामला दर्ज किया था, लेकिन एक माह का समय बीत जाने के बावजूद अब तक उसकी कोई खबर नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि पुलिस लगातार उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाती रही, लेकिन किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई। मामले में निराश परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले की जांच के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी, साथ ही किराए की गाड़ी भी मंगवाई, लेकिन अब तक लापता छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला।
रिश्वत मांगने का आरोप
लापता छात्रा के पिता का आरोप है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को न समझते हुए जांच के नाम पर पैसे की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में शामिल होने के लिए पुलिस ने उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, और मामले को हल करने के लिए उन्होंने किराए की गाड़ी भी मंगवाई, लेकिन कोई वास्तविक कदम नहीं उठाया गया। इस तरह की परिस्थितियों में परिजनों को निराशा और गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के पास जा रहे हैं और पुलिस से मामले की प्रगति के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
दिल्ली जैसी स्थिति कानपुर में भी बन सकती है
लापता छात्रा के परिवार वालों ने यह भी कहा कि यह मामला अब दिल्ली में हुए लापता मामलों की तरह गंभीर होता जा रहा है। जहां तक परिवार का सवाल है, उनका यह मानना है कि कानपुर में भी इस प्रकार के मामलों को लेकर अब चिंता बढ़ने लगी है। दिल्ली में लापता मामलों की घटनाएं पिछले कुछ सालों में बढ़ी हैं, और अब कानपुर में भी ऐसी ही परिस्थितियां बन रही हैं। यह स्थिति न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चिंता का विषय बन सकती है, जहां महिलाएं और छात्राएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
इस संदर्भ में, कानपुर पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस बयान नहीं आया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने पहले कहा था कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और छात्रा का जल्द ही पता लगा लिया जाएगा, लेकिन अब तक मामले में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हो पाई है।
परिजनों की उम्मीदें अब भी कायम
हालांकि, पुलिस की ओर से जांच में किसी भी ठोस प्रगति के बावजूद, लापता छात्रा के परिजनों की उम्मीदें अब भी कायम हैं। वे लगातार मीडिया और प्रशासन से मदद की अपील कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटी की खोज में हर संभव प्रयास करेंगे और पुलिस की निष्क्रियता के बावजूद मामले में न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
परिजनों ने राज्य सरकार और कानपुर प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और एक महीने से लापता छात्रा का जल्द ही पता लगाने के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दें। इसके अलावा, उन्होंने मांग की है कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी को यह न लगे कि पुलिस किसी प्रकार की रिश्वत या भ्रष्टाचार में शामिल है।



