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Kanpur News: कानपुर कमिश्नरेट का बड़ा एक्शन: 90 हजार रिश्वत मामले में इस दरोगा को किया गया निलंबित

Kanpur News: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए पुलिस विभाग ने अपने ही महकमे के एक दरोगा को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शनिवार सुबह से ही पूरे पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।

दरोगा का ऑडियो हुआ था वायरल 

दरअसल, कानपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत नरवल थाने में तैनात दरोगा संदीप कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। बताया जा रहा है कि दरोगा का एक ऑडियो सोशल मीडिया और विभागीय स्तर पर सामने आया, जिसमें वह कथित तौर पर पैसे की मांग करता सुनाई दे रहा है। इसके बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया और इसकी जांच शुरू की गई।

जानिए किस लिए मांगी थी रिश्वत 

जानकारी के अनुसार, नरवल निवासी एक महिला ने दहेज उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि इस मामले में दरोगा संदीप कुमार ने जांच और कार्रवाई के नाम पर 90 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। जब यह रकम नहीं मिली, तो कथित तौर पर उसने मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ाकर 12 लोगों को आरोपी बना दिया, जिससे संबंधित पक्ष पर दबाव बनाया जा सके।

इसके अलावा, बताया जा रहा है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, इसके बावजूद दरोगा ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पीड़ित पक्ष को परेशान किया, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए।

सीधे कमिश्नर ऑफ़ पुलिस रघुवीर लाल ने लिया था सज्ञान 

मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नरेट स्तर पर जांच के आदेश दिए गए। डीसीपी स्तर पर की गई जांच में दरोगा संदीप कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। इस निर्णय के बाद पुलिस विभाग में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभाग में बढ़ी सक्रियता 

इस कार्रवाई के बाद कानपुर कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में तैनात पुलिसकर्मियों में सतर्कता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि अधकतरा दरोगा समेत अन्य पुलिसकर्मी अब अलर्ट मोड पर हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

सभी को किया गया अलर्ट 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस की आंतरिक शुचिता और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। यदि कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का दुरुपयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस एक्शन से दिखेगा परिवर्तन 

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने भ्रष्टाचार के मामलों में कई सख्त कदम उठाए हैं। इससे पहले भी रिश्वत, लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में यह ताजा कार्रवाई विभाग की उसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है।

अंततः कहा जा सकता है कि नरवल थाने के दरोगा के निलंबन की यह कार्रवाई न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कदम है, बल्कि यह पूरे पुलिस महकमे के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है। पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी ही पुलिस व्यवस्था की मजबूत नींव है, और इसी दिशा में कमिश्नरेट पुलिस लगातार प्रयासरत है।

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