Kanpur News; मॉल रोड फिर से हुई बदहाल: बार-बार खोदाई, गड्ढों और जाम ने तोड़ा ‘मॉडल रोड’ का सपना, जरूर पढ़िए

रिपोर्ट – आशीष केसरवानी
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर की पहचान मानी जाने वाली मॉल रोड एक बार फिर बदहाली की मिसाल बनती जा रही है। जिस सड़क को “मॉडल रोड” के रूप में विकसित करने के दावे किए गए थे, वही सड़क आज गड्ढों, मलबे, जाम और अव्यवस्थित यातायात का केंद्र बन चुकी है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय नागरिकों के बीच अब यह कहावत आम हो गई है—“खोदो और भूल जाओ।”
फिर खोदी गई मॉल रोड, फिर वही परेशानी
करीब साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद बनी मॉल रोड को एक बार फिर खोद दिया गया है। नतीजतन, सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। खासतौर पर नरोन्हा चौराहा और नयागंज मेट्रो स्टेशन के आसपास स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।
हालांकि प्रशासन की ओर से बार-बार सुधार के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सड़क पर फैला मलबा और अधूरी मरम्मत राहगीरों के लिए रोज़ की चुनौती बन चुकी है।
नरोन्हा चौराहा बना ‘गड्ढों का जाल’
नरोन्हा चौराहा, जो शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है, आज गड्ढों के जाल में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां दर्जनों गड्ढे हैं, जिनसे आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद, न तो स्थायी मरम्मत की जा रही है और न ही कोई वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की गई है।
इसके अलावा, बारिश या हल्की फुहार के बाद ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नयागंज मेट्रो स्टेशन के आसपास फैली अराजकता
नयागंज मेट्रो स्टेशन के आसपास का इलाका भी अव्यवस्था की चपेट में है। मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने वाले रास्तों पर मलबा बिखरा पड़ा है, जिससे यात्रियों को बीच सड़क से होकर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। साफ-सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। इस स्थिति ने न केवल आम जनता को परेशान किया है, बल्कि शहर की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
व्यापारी हो रहे परेशान, आंदोलन की दी चेतावनी
मॉल रोड के आसपास के व्यापारी भी इस स्थिति से बेहद नाराज़ हैं। उनका कहना है कि बार-बार की खोदाई और जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। कई व्यापारिक संगठनों ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी भी दी है। व्यापारियों का सवाल है कि यदि सड़क को बार-बार खोदना ही था, तो पहले से समन्वय बनाकर काम क्यों नहीं किया गया?
नगर निगम और प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये का बजट पास होने के बावजूद सड़कों की हालत क्यों नहीं सुधर रही। वहीं, “#NarakKanpur” जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं, जो जनता की नाराज़गी को साफ दर्शाते हैं।
अब लोग सीधे तौर पर मेयर और नगर आयुक्त से सवाल कर रहे हैं कि आखिर मॉल रोड कब वास्तव में “मॉडल रोड” बनेगी।
नगर निगम को उठाना होगा कदम
कानपुर की मॉल रोड, नरोन्हा चौराहा और नयागंज मेट्रो स्टेशन के हालात यह दिखाते हैं कि विकास के दावे और जमीनी सच्चाई में कितना अंतर है। बार-बार खोदाई, अधूरी मरम्मत और खराब समन्वय ने शहर को जाम और गड्ढों के हवाले कर दिया है।
अब जरूरत है कि नगर निगम और प्रशासन केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए, ताकि कानपुर की सड़कों की साख दोबारा बहाल हो सके।



