काग़ज़ों का खेल बेनकाब: कानपुर पुलिस ने फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश

कानपुर: कानपुर पुलिस कमिश्नर की टीम ने एक सुनियोजित और महत्त्वपूर्ण कार्रवाई में किदवई नगर स्थित “शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन” नामक कार्यालय पर छापा मारकर फर्जी शैक्षिक दस्तावेज तैयार करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई ने न केवल शहर की शिक्षा व्यवस्था को बचाने का काम किया, बल्कि यह दिखा दिया कि कानपुर पुलिस भ्रष्टाचार और जालसाजी के खिलाफ कितनी सख्त है।
पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ जो कार्रवाई की, वह शिक्षा प्रणाली को सच्चाई और पारदर्शिता के रास्ते पर वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, और शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह विभिन्न बोर्डों और विश्वविद्यालयों के नाम पर जाली डिग्रियां, मार्कशीट, और माइग्रेशन प्रमाण पत्र तैयार कर रहा था।
फर्जी डिग्रियां तैयार करने वाला गिरोह
पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में यह सामने आया कि गिरोह युवाओं को आकर्षक रूप से फर्जी डिग्रियां और प्रमाणपत्र प्रदान कर रहा था, जिससे वे सरकारी नौकरियों और अन्य शैक्षिक अवसरों में प्रवेश प्राप्त कर सकें। इस गिरोह ने अपनी जालसाजी के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों और बोर्डों के नाम का इस्तेमाल किया था।
ऑफिस से पुलिस ने कई कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर, संदिग्ध मार्कशीट, प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज़ बरामद किए। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में लिप्त था। पुलिस ने इन दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
कानपुर पुलिस आयुक्त ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीम अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है, ताकि इस संगठित गिरोह के पूरे नेटवर्क को नष्ट किया जा सके। यह कार्रवाई पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वे शिक्षा व्यवस्था को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और धोखाधड़ी से बचाने के लिए तत्पर हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि गिरोह के सदस्य युवक-युवतियों को फर्जी डिग्रियां बेचते थे और इसके बदले में वे एक मोटी रकम लेते थे। इसके अलावा, ये लोग विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों के नाम से जाली डिग्री और प्रमाणपत्र तैयार करते थे, जिससे आम लोग यह मान लेते थे कि यह दस्तावेज़ वैध हैं।
शिक्षा व्यवस्था को बचाने की दिशा में पुलिस का कदम
कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था की साख बचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस गिरोह के भंडाफोड़ ने यह साबित कर दिया कि पुलिस प्रशासन अब किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह शिक्षा से जुड़ी हो या किसी अन्य क्षेत्र से। इसके अलावा, यह भी एक बड़ा संदेश है कि जो लोग शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं, उन्हें कानूनी सजा मिलेगी।



