कानपुर: राजाराम वर्मा हत्याकांड में न्याय की हुंकार, परिजनों ने पदयात्रा निकालकर उठाई गिरफ्तारी की मांग

कानपुर (उत्तर प्रदेश): कानपुर में राजाराम वर्मा हत्याकांड को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर राजाराम वर्मा के परिजन और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। परिजनों ने न केवल पदयात्रा निकाली, बल्कि ‘एडवोकेट गैंग मुक्ति मोर्चा’ भी गठित किया है। उनका आरोप है कि हत्याकांड में वकील और भूमाफिया गैंग का हाथ है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
राजाराम वर्मा हत्याकांड: परिजनों की हुंकार
राजाराम वर्मा की हत्या के बाद से कानपुर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। परिजनों ने कहा है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हत्यारों और भूमाफियाओं को गिरफ्तार नहीं किया जाता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है, क्योंकि उन्हें डर है कि आरोपी उन्हें प्रताड़ित कर सकते हैं।
परिजनों का कहना है कि वकील राकेश तिवारी और अन्य भूमाफिया गैंग के लोग इस हत्या के मुख्य आरोपी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ था, जिसमें भूमाफियाओं ने वकील की आड़ में अवैध तरीके से जमीन हथियाने की कोशिश की थी।
एडवोकेट गैंग मुक्ति मोर्चा’ का गठन
राजाराम वर्मा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय निवासियों ने ‘एडवोकेट गैंग मुक्ति मोर्चा’ का गठन किया है। इस मोर्चे के सदस्य न्याय के लिए आवाज उठा रहे हैं और भूमाफियाओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वकील राकेश तिवारी के सिंडिकेट ने राजाराम वर्मा की हत्या में अहम भूमिका निभाई थी।
इस मोर्चे का उद्देश्य कानपुर में अपराधी तत्वों और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर से न हों।
पदयात्रा निकाल कर किया प्रदर्शन
राजाराम वर्मा के परिजनों और उनके समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर एक विशाल पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए और “हत्यारों को फांसी दो” के नारे लगाए। यह यात्रा कानपुर के प्रमुख स्थानों से होते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन तक पहुंची।
इस दौरान लोगों ने यह भी कहा कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती। पदयात्रा के दौरान लोगों ने यह भी बताया कि वकील राकेश तिवारी और अन्य संदिग्ध लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि वे वकालत की आड़ में अवैध धंधे चला रहे हैं।
वकील राकेश तिवारी के खिलाफ परिजनों का है यह आरोप
राजाराम वर्मा के परिजनों का आरोप है कि वकील राकेश तिवारी ने भू माफियाओं के साथ मिलकर वकालत की आड़ में काले धंधे को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, “वकील का पेशेवर छवि और भूमाफियाओं का गठजोड़ राजाराम वर्मा की हत्या का कारण बना।” इस आरोप के बाद, कानपुर में राकेश तिवारी और उसके सिंडिकेट के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ गया है।
स्थानीय लोग इस बात को लेकर भी नाराज हैं कि ऐसे सफेदपोशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है, जो कि कानूनी धंधे के माध्यम से अवैध कारोबार चला रहे हैं।
परिजनों ने कानपुर में की सुरक्षा की मांग
पदयात्रा और प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर आरोपी अब भी खुलेआम घूमते हैं, तो उनके लिए खतरे की बात हो सकती है। परिजनों ने कहा, “हमारे लिए सुरक्षा का इंतजाम होना चाहिए, ताकि हम न्याय के लिए बिना किसी डर के लड़ सकें।”
उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनको जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि न्याय की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
कानपुर में कानून व्यवस्था से की न्याय की उम्मीद
राजाराम वर्मा हत्याकांड ने कानपुर में एक बार फिर से कानून व्यवस्था और न्याय की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था में सुधार और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
इस मामले में पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहरी जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



