कानपुर: टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन को नया स्वरूप देने पर है जोर, स्थानीय समुदाय की भूमिका पर चर्चा

कानपुर (उत्तर प्रदेश): कानपुर में पर्यटन को एक नया दिशा देने के लिए सोसाइटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट द्वारा एक भव्य पर्यटन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। यह आयोजन जीटी रोड स्थित होटल प्रिस्टीन में हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्यमियों, और समाजसेवियों ने पर्यटन विकास के नए आयामों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में कानपुर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उपायों पर विचार किया गया।
सोसाइटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट की ओर से पर्यटन के विकास पर दिया जोर
इस कॉन्क्लेव के विशिष्ट अतिथि, उत्तर प्रदेश राज्य हैंडलूम कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पीसी ठाकुर ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय समुदाय को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि जब स्थानीय लोग पर्यटन गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो न केवल पर्यटन स्थलों को संरक्षित करने में मदद मिलती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।
सोसाइटी के संस्थापक डॉ. सिधांशु राय ने भी पर्यटन के नए आयामों जैसे कि ग्रामीण पर्यटन और आर्टिफिशियल टूरिज्म के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कानपुर में पर्यटन को एक नया स्वरूप देने के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो और क्षेत्र की खुशहाली बढ़े।
पैनल डिस्कशन में पर्यटन के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा
कॉन्क्लेव के दौरान पैनल डिस्कशन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। पर्यटन विकास के लिए स्पष्ट विजन रखने की बात करते हुए उद्यमी विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि कानपुर को ‘हैप्पीनेस सिटी’ के रूप में बढ़ावा दिया जाना चाहिए और इसे ‘मस्ट-बी’ टूरिज्म सर्किट में शामिल किया जाना चाहिए।

होटल इंडस्ट्री से जुड़े विजय पांडे ने पर्यटन स्थलों के विकास और उनकी मार्केटिंग पर जोर दिया। उनका मानना था कि प्रशासन को सुव्यवस्थित तरीके से कार्य करना चाहिए ताकि पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके।
मेडिकल टूरिज्म की हैं संभावनाएं
हेल्थकेयर इंडस्ट्री के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कपूर ने कानपुर में मेडिकल टूरिज्म के हब बनने की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि मेडिकल टूरिज्म में गुणवत्तापरक सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और कानपुर में इसका पर्याप्त विकास किया जा सकता है।
उद्यमी सुदीप गोयनका ने पर्यटन पर एक नई सोच विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन विकास में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के इस्तेमाल की बात की, जिससे विकास की गति तेज हो सकती है।
मीडिया और कला विशेषज्ञों की भी रहेगी भूमिका
मीडिया एक्सपर्ट शैलेन्द्र जेटली ने कहा कि पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार करने के लिए मीडिया का महत्व बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मीडिया पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं, दिग्विजय सिंह ने पर्यटन गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर बनाने और बिठूर को पर्यटन हब बनाने की बात की।
कला विशेषज्ञ डॉ. इंद्रमोहन रोहतगी ने कानपुर हाट बनाने का सुझाव दिया, जो पर्यटन का केंद्र बन सके। समाजसेवी डॉ. उमेश पालीवाल ने हैप्पीनेस सेंटर की शुरुआत की बात की, जो पर्यटन का नया आयाम बन सकता है।
होटल इंडस्ट्री और फूड फेस्टिवल
होटल इंडस्ट्री से जुड़े सुखबीर मलिक ने फूड फेस्टिवल को पर्यटन के लिए एक आकर्षण बताया। उनका मानना है कि कानपुर में विभिन्न खाद्य संस्कृति का प्रमोशन किया जा सकता है, जिससे शहर को और भी आकर्षक बनाया जा सकता है।

रोटरी क्लब के डीसी शुक्ला ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की बात की और कहा कि इस प्रयास में मानवीय पक्ष को भी ध्यान में रखना चाहिए।
प्रवर्धन और योजनाओं का बनाया हुआ है खाका
सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि कानपुर पर्यटन का ब्रॉशर तैयार किया जाएगा और इसके लिए एक विस्तृत पर्यटन योजना बनाई जाएगी। अध्यक्ष मनोज भाटिया ने कानपुर महोत्सव और ‘कानपुर यात्रा’ की शुरुआत करने का प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम निदेशक आनंद गुप्ता ने पार्कों के विकास और कानपुर के प्रमुख पर्यटक स्थलों का चित्रण करने की योजना का उल्लेख किया।
जानिए कानपुर टूरिज्म कॉन्क्लेव के उद्देश्य
सभी प्रमुख वक्ताओं ने एकमत होकर यह कहा कि कानपुर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्देश्य कानपुर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। सचिव डॉ. राव विक्रम सिंह और डॉ. सुधांशु राय ने इस कार्य को लेकर अपनी तैयारियों और दृष्टिकोण को साझा किया।
कॉन्क्लेव का संयोजन उपाध्यक्ष गोपाल द्विवेदी और स्वयं नंदा ने किया, जबकि अतिथि स्वागत उपाध्यक्ष शिखा शुक्ला और संचालन मुस्कुराए कानपुर सचिव दीपिका श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर विमल झाझरिया द्वारा बनाए जा रहे दिव्यांबर वैलनेस सेंटर को भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया।
शहर को मिलेगी नई दिशा
कानपुर टूरिज्म कॉन्क्लेव ने यह स्पष्ट कर दिया कि शहर को पर्यटन के क्षेत्र में नई दिशा देने के लिए कई पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता है। इससे न केवल कानपुर की पहचान बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी इससे लाभ होगा। अब यह देखने वाली बात होगी कि इन प्रस्तावों को किस तरह से लागू किया जाता है और कानपुर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाता है।



