
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आनंदीबेन पटेल और योगी आदित्यनाथ ने जन भवन, लखनऊ में आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर “हमारा जन भवन” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की नई बस की चाबी प्रधानाचार्य और चालक को सौंपकर छात्रों की सुविधा को और बेहतर बनाने का संदेश दिया गया।

यह आयोजन केवल एक भवन उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प और शिक्षा सुधार की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
1961 से संचालित विद्यालय का हुआ कायाकल्प
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि राजभवन परिसर में वर्ष 1961 से संचालित परिषदीय विद्यालय का व्यापक रूप से नवीनीकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह विद्यालय अब कक्षा 10 तक उच्चीकृत कर दिया गया है। इसके साथ ही 14 नए कक्षा-कक्ष, आधुनिक कंप्यूटर लैब और एआई लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे छात्रों को तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसर
विद्यालय परिसर में बेहतर अधोसंरचना विकसित की गई है। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

इसके अतिरिक्त, नई बस सुविधा से विद्यार्थियों के आवागमन को सुगम बनाया गया है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
ऑपरेशन कायाकल्प का बड़ा प्रभाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार किया है।

इस अभियान के तहत विद्यालयों में बाउंड्री वॉल, फर्नीचर, शौचालय, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। परिणामस्वरूप, सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है।
स्कूल चलो अभियान से बढ़ा नामांकन
सरकार द्वारा चलाए जा रहे “स्कूल चलो अभियान” का भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और ड्रॉपआउट दर कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इसके परिणामस्वरूप नामांकन में वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना सामाजिक समरसता और विकास का आधार है।
बालिका शिक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। इससे प्रदेश के 746 बालिका विद्यालयों को लाभ मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक ब्लॉक में बालिकाओं के लिए 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध हो। इससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी और उन्हें उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और ‘लर्निंग बाय डूइंग’
राज्य सरकार 2021 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक और कौशल आधारित बना रही है। “लर्निंग बाय डूइंग” कार्यक्रम के तहत छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रयोगात्मक और परियोजना आधारित शिक्षा भी दी जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी दक्षता विकसित करना है। एआई लैब और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होती है। इसलिए सरकार बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही आत्मनिर्भर और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इसलिए प्रदेश में शिक्षा सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
समग्र रूप से देखें तो जन भवन लखनऊ आदर्श माध्यमिक विद्यालय उद्घाटन कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सुधार यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार दीर्घकालिक विकास की दिशा में कार्य कर रही है।

यदि इसी प्रकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाता रहा, तो निश्चित रूप से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनका भविष्य अधिक उज्ज्वल होगा।



