लखनऊ: SIR के तहत 3.26 करोड़ वोटरों की सुनवाई हुई पूरी, जानिए कब जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए SIR (Systematic Voter Registration) के तहत 3.26 करोड़ वोटरों की सुनवाई की गई। चुनाव आयोग का दावा है कि 100% नोटिसों पर कार्रवाई की गई है, और 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

यह प्रक्रिया राज्य में चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अहम हिस्सा है, जिसमें मतदाता सूची में बदलाव, नए नामों का शामिल होना और कुछ नामों का कटना प्रमुख मुद्दे रहे हैं। आइए जानते हैं इस सुनवाई प्रक्रिया और अंतिम मतदाता सूची के बारे में विस्तार से।
SIR के तहत वोटरों की हुई सुनवाई
उत्तर प्रदेश में वोटरों की सुनवाई को लेकर चुनाव आयोग ने पूरी पारदर्शिता से काम किया है। SIR के तहत 3.26 करोड़ वोटरों की सुनवाई पूरी की गई, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के नाम की सहीता, दस्तावेज़ों का मिलान और अन्य संबंधित जानकारियों का सावधानीपूर्वक आंकलन किया गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान हर नोटिस पर कार्रवाई की गई और जो भी जानकारी दी गई, उसे रिकॉर्ड में सही ढंग से शामिल किया गया।

जानिए अंतिम मतदाता सूची के बारे में जानकारी
इस बार की मतदाता सूची में 13.25 करोड़ से अधिक नाम होने की संभावना जताई जा रही है। पहले से सूची में 12.55 करोड़ नाम थे, जबकि बाकी के नामों की पुष्टि और संशोधन SIR प्रक्रिया के तहत किया गया है। इसके अलावा, 1.04 करोड़ नामों का मिलान 2003 की सूची से नहीं हो पाया। इस कारण से, इन नामों को लेकर पुनः जांच की प्रक्रिया की गई और सही दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की अपील की गई।
सुनवाई के दौरान उठाए गए यह कदम
सुनवाई के दौरान दस्तावेज़ों की मांग की गई और वोटरों को उनके घर के पास ही सुनवाई के लिए बुलाया गया। इससे वोटरों को सुविधा मिली और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की सटीकता को सुनिश्चित किया।

BLO द्वारा घर जाकर की गई जांच
BLO (Booth Level Officer) ने 2.22 करोड़ मामलों में घर जाकर जांच की और वोटरों की सही जानकारी एकत्रित की। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी और वोटरों को आसानी से अपनी स्थिति और नाम में बदलाव के बारे में जानकारी मिली।
नामों में बदलाव और नए नामों की संभावना
सुनवाई के दौरान 97% से अधिक नामों का सूची में बने रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, 86.69 लाख नए नाम जोड़े गए हैं और 3.18 लाख नामों को सूची से हटाने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह बदलाव सुनिश्चित करता है कि केवल सही और योग्य वोटर को मतदाता सूची में जगह मिले।

सुनवाई की प्रक्रिया में बरती गई पारदर्शिता
चुनाव आयोग का यह दावा है कि 100% नोटिसों पर कार्रवाई की गई है और सभी वोटरों को समान रूप से अपनी जानकारी प्रस्तुत करने का मौका दिया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने घर-घर जाकर मतदान सूची की जांच की, ताकि किसी भी वोटर का नाम गलत तरीके से सूची में शामिल या हटाया न जाए।
सीएम योगी ने जारी किए यह निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना की है और निर्देश दिए हैं कि अंतिम मतदाता सूची को सही और पारदर्शी तरीके से तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और सुनिश्चित करें कि सूची में सिर्फ योग्य और सही नाम ही शामिल हों।

चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाने का है प्रयास
उत्तर प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए प्रयासों को सराहा जा रहा है। SIR के तहत 3.26 करोड़ वोटरों की सुनवाई और 100% नोटिसों पर कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
10 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से यह स्पष्ट होगा कि कितने वोटरों के नाम सही रूप से सूची में शामिल हुए हैं और कितने नए नाम जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग का यह प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि आगामी चुनाव में हर वोटर का नाम सही तरीके से सूची में हो और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।



