मेरठ में दिखा ठगी का दिमागी खेल: पढ़िए 1 करोड़ की ज्वैलरी ठगने वाले गिरोह ने ऐसे खेला चक्कर

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक ज्वैलरी शॉप पर हुई ठगी की घटना ने पुलिस और व्यापारियों को हैरान कर दिया है। यहां के रघुनंदन ज्वैलर्स में ठगों ने बेहद चालाकी से एक करोड़ रुपये की ज्वैलरी हड़प ली। ठगों ने इस घटना को अंजाम देने के लिए न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यापारी को उलझा दिया। यह घटना ठगी के एक ऐसे “माइंड गेम” का उदाहरण बन गई, जिसे सुनकर कोई भी चौंक सकता है।
ठग का मास्टरमाइंड
इस ठगी का मास्टरमाइंड एक ठग था, जिसने खुद को दिल्ली का बड़ा ज्वेलरी कारोबारी बताकर मेरठ के रघुनंदन ज्वैलर्स के मालिक को अपने जाल में फंसाया। सबसे पहले ठग ने दुकान पर व्हाट्सएप कॉल किया और कहा कि उसका “भतीजा” ज्वेलरी देखने के लिए दुकान पर आएगा। कॉल करने वाले ने यह भी बताया कि वह जल्द ही भुगतान के लिए पैसे भेजेगा।
कुछ ही देर बाद एक युवक दुकान पर आया, उसने कुछ ज्वैलरी पसंद की और फिर फोन पर बात कराई। फोन करने वाला व्यक्ति जो कि ठग था, उसने दुकानदार से कहा कि वह भुगतान के लिए नकद पैसे भेज रहा है। इसके कुछ समय बाद चार व्यक्ति दुकान पर पहुंचे और उन्होंने दुकानदार से करीब 1 करोड़ रुपये नकद देने की बात की। ये चारों व्यक्ति ठग के नेटवर्क का हिस्सा थे।
घटना की अनोखी चाल
दुकानदार ने उन चारों व्यक्तियों से पैसे लेकर पहले युवक को ज्वैलरी से भरा बैग दे दिया। वह युवक तुरंत ज्वैलरी से भरे बैग को लेकर दुकान से चला गया। लेकिन कुछ देर बाद एक और चौंकाने वाली घटना हुई।
चारों लड़के पुनः दुकान पर लौटे और ज्वैलरी की मांग की। दुकानदार ने उन्हें बताया कि ज्वैलरी तो पहले ही उनके आदमी को दे दी गई है। इस पर चारों युवक हैरान रह गए और उन्होंने साफ तौर पर यह कहा कि वे उस युवक को नहीं जानते। उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ किसी ने पैसे देकर दुकान तक पहुंचाने को कहा था।
यहां से ठग के इस दिमागी खेल का पर्दाफाश हुआ। ठग ने अपने जाल में फंसाने के लिए अलग-अलग लोगों को अलग‑अलग कहानियां सुनाई थी और सभी को एक ही जगह पर बुलाकर उन्हें एक दूसरे का आदमी बता दिया था। इस तरह उन्होंने दुकानदार को भी अपने जाल में फंसा लिया और ज्वैलरी लेकर फरार हो गए।
ठगी के तरीके में नयापन
यह ठगी के मामले में सबसे अहम बात यह थी कि ठगों ने इस वारदात को मानसिक रणनीति के तहत अंजाम दिया था। वे न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक तौर पर भी सभी को एक‑दूसरे के विश्वास में डालने में सफल रहे। इस ठगी को अंजाम देने के लिए उन्होंने कई लोगों को विभिन्न भूमिकाओं में डाला और एक‑एक व्यक्ति को ऐसा महसूस कराया कि वह इस पूरे खेल का हिस्सा है।
यह ठगों का एक नया तरीका था, जिसमें वे न केवल पैसे की ठगी करते हैं, बल्कि लोगों के विश्वास का भी गलत फायदा उठाते हैं। उन्होंने अपनी योजना को इतनी शानदार तरीके से अंजाम दिया कि कोई भी व्यक्ति यह नहीं समझ सका कि उसके साथ धोखा हो रहा है।
इस तरह से हुई पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना के बाद दुकानदार ने पुलिस से संपर्क किया, और मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और सबूतों को इकट्ठा किया। उन्होंने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक ठगों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की ठगी के मामलों में अक्सर ठगों का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित होता है, और उनका पकड़ में आना थोड़ा मुश्किल होता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी ठगों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना प्राथमिकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या लेन-देन से बचें और इसे तुरंत रिपोर्ट करें।
जानिए ऐसे ठगी से बचने के उपाय
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ठगी के मामले अब केवल पैसों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक चालाकी और विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को सजग रहना जरूरी है। यहां कुछ अहम सुझाव दिए जा रहे हैं जो ठगी से बचने में मदद कर सकते हैं:
- संदिग्ध कॉल से बचें: यदि कोई अनजान व्यक्ति आपको फोन करता है और दावा करता है कि वह आपको पैसे भेजेगा, तो पहले उस व्यक्ति का पूरी तरह से पता लगाएं।
- सुरक्षित लेन‑देन करें: बड़े लेन-देन के लिए सिर्फ बैंक ट्रांसफर का उपयोग करें और किसी भी व्यक्ति को नकद पैसे देने से बचें।
- विश्वास ना करें: किसी भी अनजान व्यक्ति पर पूरा विश्वास करने से पहले उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जांच करें।
- गवाही लीजिए: यदि किसी को ज्वैलरी, पैसे या अन्य समान दिया जाता है, तो उसके लिए साक्षी और दस्तावेज तैयार रखें।



