
लखनऊ से बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विजनरी बजट 2026-27 की सराहना की है। उन्होंने इसे केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि 145 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में “नेशन फर्स्ट” और “कर्तव्य बोध” की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इसके माध्यम से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य विशेष में भी विकास की नई राह खुलेगी।
यूपी को मिलेगा विशेष लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इस बजट से सबसे अधिक लाभ उठाने वाला राज्य बनेगा। इसमें खास तौर पर दो महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जो राज्य में रेलवे और कनेक्टिविटी का विस्तार सुनिश्चित करेंगे।
इसके साथ ही यूपी को बायोफार्मा हब और डेटा सेंटर हब बनने का अवसर भी मिलेगा, जिससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
MSME और आर्थिक सशक्तिकरण पर होगा जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को नई तकनीक, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुँच का लाभ मिलेगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि MSME क्षेत्र में यह निवेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी प्रदान करेगा।
महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण
बजट में महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए नए कार्यक्रम और वित्तीय योजनाएं लागू की जाएंगी। साथ ही, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है। योगी ने कहा, “हमारा लक्ष्य 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाना है। बजट में यह दिशा स्पष्ट है। युवा और महिलाएं इसके सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।”
रेलवे और कनेक्टिविटी में विस्तार
बजट में विशेष रूप से रेलवे नेटवर्क और सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार पर जोर दिया गया है। इससे राज्य में व्यापार, पर्यटन और ग्रामीण विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में भी इस निवेश से सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। इस प्रकार, यूपी आर्थिक दृष्टि से और अधिक सक्षम बनेगा।
डेटा सेंटर हब और डिजिटल इंडिया
केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को **डेटा सेंटर हब** बनने का अवसर प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और स्टार्टअप्स और IT सेक्टर को नई दिशा मिलेगी। इसके माध्यम से राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और नई तकनीक आधारित रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
देश की तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बजट को देश की आर्थिक मजबूती और सामाजिक विकास का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट केवल सरकारी योजनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि जनता के जीवन में सुधार और अवसरों का मार्गदर्शक है।
पढ़िए मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को संदेश दिया कि इस बजट का लाभ राज्य के हर नागरिक तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर योजना और निवेश का उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, महिला और युवा सशक्तिकरण है।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बजट में घोषित योजनाओं और निवेश का सही और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
अब और होगा विकास
कुल मिलाकर, मोदी का विजनरी बजट उत्तर प्रदेश के लिए अवसरों और विकास की नई दिशा लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यह बजट राज्य में आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उत्तर प्रदेश न केवल निवेश और उद्योग के लिहाज से लाभान्वित होगा, बल्कि इसके माध्यम से गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार यह बजट न केवल राष्ट्रीय स्तर पर भारत की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में सहायक है, बल्कि राज्य स्तर पर यूपी को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने का अवसर भी प्रदान करता है।



