मुरादाबाद: हुल्का देवी मंदिर मेले में दुकानों का विवाद फिर से गरमाया, पढ़िए व्यापार मंडल ने क्या किया?

रिपोर्ट – शाहरुख़ हुसैन
मुरादाबाद: जिले में हुल्का देवी महारानी सिद्धपीठ मंदिर के मेले को लेकर इन दिनों विवाद गरमाया हुआ है। मामला मंदिर परिसर और उसके आसपास लगने वाले दुकानों को लेकर है। हाल ही में एक हिंदू संगठन ने मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के बाद अब व्यापार मंडल भी सामने आ गया है और उन्होंने मुस्लिम दुकानदारों का खुला समर्थन किया है।

व्यापार मंडल से जुड़े सचिन कुमार दिवाकर ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर काम कर रही है, तो फिर रोजगार में किसी प्रकार का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को कहीं भी अपना व्यवसाय या रोजगार करने की अनुमति देता है।
किसी भी तरह का व्यवहार नहीं होगा बर्दाश्त – सचिन कुमार दिवाकर
सचिन कुमार दिवाकर ने स्पष्ट किया कि अगर हिंदू मजारों पर जा सकते हैं, तो मंदिर के मेले में मुस्लिम दुकानदार क्यों नहीं बैठ सकते। उनका कहना है कि कुछ लोग शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

व्यापारी नेता सचिन कुमार ने यह भी कहा कि मुस्लिम दुकानदारों को समान अवसर मिलना चाहिए और कोई भी धार्मिक आधार पर व्यवसाय से वंचित नहीं रह सकता। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मंदिर परिसर और मेले के आसपास शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए।
अलर्ट हुआ प्रशासन
इस विवाद के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। अधिकारी मंदिर के आस-पास सुरक्षा बढ़ाने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और किसी भी तरह की हिंसा या तनाव नहीं होने दिया जाएगा।

स्थानीय लोग भी इस विवाद को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि मंदिर का मेला सभी समुदायों के लिए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इसलिए किसी भी तरह का धार्मिक भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।
समझौते की दी गई है सलाह
इस मामले ने मुरादाबाद में सामाजिक और सांस्कृतिक तहजीब पर भी ध्यान आकर्षित किया है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के विवाद से बचने के लिए संवाद और सामूहिक समझौते की आवश्यकता है। इसके साथ ही, प्रशासन और समाज के नेताओं को मिलकर ऐसे अवसरों को सभी के लिए सुरक्षित और समावेशी बनाना चाहिए।

सचिन कुमार दिवाकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि व्यापार मंडल का उद्देश्य केवल दुकानदारों की सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक भेदभाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
व्यापारी नेताओं ने की अपील
व्यापारी मंडल का स्पष्ट संदेश है कि शहर में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक सामंजस्य को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इसके लिए व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
इस विवाद ने मुरादाबाद में धार्मिक और सांस्कृतिक सह-अस्तित्व पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि व्यापार मंडल और प्रशासन की सक्रियता ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश की जा रही है।



