
दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। प्रियंका गांधी ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी अपनी इजरायल यात्रा के दौरान गाजा में हुए नरसंहार का मुद्दा उठाएंगे और वहां के नागरिकों के लिए न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में सत्य का हमेशा साथ दिया गया है और यह सिद्धांत आज भी हमारे नीति-निर्माण का आधार होना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने जताई उम्मीद
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा, “हम आशा करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की संसद में अपनी बात रखते हुए गाजा में हुए नरसंहार का जिक्र करेंगे। वहाँ पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का बेरहमी से नरसंहार किया गया है, और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उनके लिए न्याय की मांग करेंगे।” प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी इजरायल दौरे पर हैं, और दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, और प्रौद्योगिकी से संबंधित महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा की जा रही है।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “भारत ने हमेशा इतिहास में सत्य का साथ दिया है, और हमें आशा है कि इस सिद्धांत का पालन करते हुए पीएम मोदी गाजा में हुई हिंसा के बारे में पूरी दुनिया के सामने अपनी आवाज उठाएंगे।” उनका यह बयान भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आया है, जिसमें शांति, न्याय और मानवाधिकारों की अहमियत को रेखांकित किया गया है।
गाजा में हुआ नरसंहार
गाजा में हाल ही में हुई हिंसा और नागरिकों का नरसंहार अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चिंता का विषय बन चुका है। महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई है, जो एक मानवाधिकार संकट के रूप में उभरा है। प्रियंका गांधी ने गाजा में हुए इस नरसंहार को ‘बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और कहा कि यह समय है जब भारत को अपने इतिहास की तरह शांति, सत्य और न्याय का पालन करते हुए इस मुद्दे पर स्पष्ट स्थिति बनानी चाहिए।
भारत ने हमेशा से दुनिया के मानवाधिकार मुद्दों पर एक मजबूत आवाज उठाई है, और प्रियंका गांधी के अनुसार, यही वक्त है जब प्रधानमंत्री मोदी को उस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरे के दौरान गाजा में हुए घटनाक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और न्याय की मांग करनी चाहिए।
सत्य, शांति और न्याय की परिभाषा
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में भारतीय परंपराओं और मूल्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “भारत का इतिहास हमेशा सत्य, शांति और न्याय की दिशा में प्रगति करने का रहा है। यह समय है जब हमें इन सिद्धांतों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उजागर करना चाहिए।” प्रियंका ने यह भी कहा कि भारत के लोग हमेशा से विश्व में शांति और न्याय की स्थापना के पक्षधर रहे हैं, और इस समय भी हमें उसी दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।
भारत का कूटनीतिक रुख हमेशा से एक स्थिर और शांति-निर्माण की ओर रहा है, और प्रियंका गांधी का यह बयान उसी रुख को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा, “हमें अपनी नीतियों में सत्य, शांति और न्याय को आधार बनाना चाहिए, और दुनिया को यह संदेश देना चाहिए कि भारत हमेशा इन मूल्यों का समर्थन करेगा।”
भारत और इजरायल के संबंध
इजरायल के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, विशेष रूप से रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में। प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा इन संबंधों को और भी प्रगाढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो भारत के लिए रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक, कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
इसके बावजूद, प्रियंका गांधी का बयान यह बताता है कि भारत के लिए केवल आर्थिक और रक्षा संबंधों से परे भी दुनिया में मानवाधिकार और न्याय के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अपनी कूटनीतिक नीति में इन मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रियंका गांधी का संदेश
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि हम एक मजबूत, शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण दुनिया की दिशा में काम करने वाले राष्ट्र हैं। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी को अपनी इजरायल यात्रा के दौरान गाजा में हुई हिंसा और नरसंहार पर बात करनी चाहिए, ताकि दुनिया को भारत की कूटनीतिक प्रतिबद्धता का सही एहसास हो सके। प्रियंका ने कहा, “हमारा कर्तव्य है कि हम सत्य, शांति और न्याय की तरफ हमेशा आगे बढ़ें, और दुनिया को यह दिखाएं कि भारत का हर कदम इन मूल्यों के आधार पर है।”



