
भारतीय रेलवे ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब यात्री ट्रेन में खाना और पानी महंगे दामों पर नहीं खरीद सकेंगे। इस नए नियम का उद्देश्य यात्रियों को अधिकतम सुविधा देना और ओवरचार्जिंग को समाप्त करना है। अब यात्री टिकट बुक करते समय ही खाने-पीने की चीजों को पहले से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं, और उन्हें निर्धारित कीमत पर सीट पर डिलीवरी मिलेगी।
रेलवे का यह कदम यात्रियों के लिए राहत का कारण बन सकता है, क्योंकि अब मोलभाव की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी और न ही ओवरचार्जिंग की समस्या आएगी। यह व्यवस्था फिलहाल 25 ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है, और अगर यह सफल होती है तो इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
नया ऑनलाइन ऑर्डर सिस्टम: पहले से किया जाएगा पेमेंट
अब, रेल यात्रा के दौरान खाना-पीना पहले से ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है। टिकट बुक करते वक्त यात्री अपनी खाने-पीने की जरूरतों का चयन कर सकते हैं और पहले से भुगतान कर सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत, यात्री को अपनी सीट पर खाना और पानी तय कीमत पर मिलेंगे, और कोई भी मोलभाव या ओवरचार्जिंग नहीं होगी।
यह सुविधा ट्रेन में यात्रा करते समय यात्रा को अधिक आरामदायक और किफायती बनाएगी। खासतौर पर उन यात्रियों के लिए यह व्यवस्था फायदेमंद होगी, जिन्हें ट्रेन में महंगे खाने का सामना करना पड़ता है। अब रेलवे ने इस बात को सुनिश्चित किया है कि निर्धारित कीमतों पर ही सामान मिलेगा, जिससे यात्री को अतिरिक्त शुल्क का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फिलहाल 25 ट्रेनों में शुरू, पूरी ट्रेन सेवा में लागू होने की उम्मीद
यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल 25 ट्रेनों में लागू किया गया है, जिनमें प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं। यदि यह प्रणाली सफल होती है, तो इसे पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क पर लागू किया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह योजना यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे न केवल ओवरचार्जिंग की समस्या का समाधान होगा, बल्कि खाने-पीने की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है।
नुकसान की संभावना: फूड क्वालिटी प्रभावित हो सकती है
हालांकि इस नई व्यवस्था के कुछ नकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं। एक बड़ी चिंता यह है कि क्योंकि यात्री पहले से भुगतान कर देंगे, ऐसे में फूड क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। जब किसी सेवा का भुगतान पहले ही कर दिया जाता है, तो सेवा प्रदाता को उसकी गुणवत्ता को बनाए रखने की प्रेरणा कम हो सकती है। इसके अलावा, कुछ यात्रियों का यह भी कहना है कि यदि कोई डिश पसंद न आए, तो उसे वापस लौटाने की सुविधा भी सीमित हो सकती है, क्योंकि भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
इस प्रकार के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने योजना के तहत सेवा प्रदाताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि खाने-पीने की गुणवत्ता उच्चतम स्तर पर बनी रहे, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रेलवे के इस कदम के जानिए फायदे
- ओवरचार्जिंग का खत्म होना: अब ट्रेन यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग नहीं होगी। यात्री जो सामान खरीदेंगे, उसकी कीमत पहले से निर्धारित होगी।
- सुविधा और आराम: अब यात्रियों को ट्रेन में खाने-पीने के लिए अलग से कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे टिकट बुक करते वक्त ही ऑनलाइन आर्डर करके आराम से अपनी सीट पर डिलीवरी ले सकेंगे।
- पारदर्शिता: यह कदम पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, जिससे यात्री यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि वे जो भुगतान कर रहे हैं, वह पूरी तरह से निर्धारित कीमत पर ही हो रहा है।
- समय की बचत: अब यात्रियों को ट्रेन में खाने-पीने के लिए समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। वे अपनी यात्रा के दौरान आराम से खाने का आनंद ले सकते हैं।



