
उत्तर प्रदेश: बोर्ड परीक्षा 2024 की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है, जिसमें राज्य सरकार ने नकल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों (DIOS) को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका में रुपये पाए जाते हैं, तो इसे नकल सामग्री मानकर सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, इस प्रकार के मामलों में कक्ष निरीक्षक (Invigilator) और परीक्षार्थी दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय नकल पर पूरी तरह से नियंत्रण लगाने और परीक्षा के निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस नई नीति के तहत, बोर्ड परीक्षा में नकल या अन्य किसी प्रकार की धोखाधड़ी के मामले में पूरी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की निगरानी में होगी सख्ती
उत्तर प्रदेश बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब से परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की निगरानी और जिम्मेदारी बढ़ा दी जाएगी। कक्ष निरीक्षक की प्रमुख भूमिका यह होगी कि वे यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा केंद्र में नकल या किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इसके अलावा, किसी भी परीक्षा केंद्र पर यदि कक्ष निरीक्षक को नकल करते हुए पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कक्ष निरीक्षकों को हर स्थिति में परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पैसे मिलने पर परीक्षा में नकल सामग्री मानकर सील होगी उत्तर पुस्तिका
यूपी बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास पैसे पाए जाते हैं, तो यह उसे नकल सामग्री मानकर उसकी उत्तर पुस्तिका को सील कर दिया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में पैसे का मिलना गंभीर नकल सामग्री मानी जाएगी, और ऐसे मामलों में उस परीक्षार्थी को परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा।
यह कदम नकल के मामलों पर सख्ती से नियंत्रण करने और बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी DIOS को निर्देश दिए हैं कि वे इस दिशा में सख्त कदम उठाएं और किसी भी तरह की नकल को रोकने के लिए पूरी तन्मयता से काम करें।
परीक्षार्थियों और कक्ष निरीक्षकों के लिए कार्रवाई के नए दिशा-निर्देश
UPMSP के द्वारा जारी किए गए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी में शामिल होने पर परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कक्ष निरीक्षक को किसी परीक्षा केंद्र में नकल करने की अनुमति देने या नकल होते हुए देखने के बाद भी अनदेखा करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे भी सेवा से हटा दिया जाएगा।
साथ ही, परीक्षार्थी के खिलाफ नकल या किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पाए जाने पर उसे अगले परीक्षा सत्र के लिए निष्कासित किया जा सकता है। इस फैसले से परीक्षार्थियों को यह संदेश जाएगा कि नकल किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं की जाएगी।
यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए नई दिशा-निर्देश
यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें से प्रमुख हैं:
- सख्त निगरानी: कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है ताकि वे हर परीक्षार्थी पर नजर रख सकें और नकल के मामलों को रोक सकें।
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर प्रतिबंध: परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा, ताकि नकल के अन्य तरीके जैसे कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल रोका जा सके।
- कड़ी सुरक्षा: परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि नकल या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके।
- सिस्टम में सुधार: उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
छात्रों को नकल से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
नई नीति के तहत नकल के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, तो छात्रों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सही तरीके से परीक्षा में भाग लें। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव निम्नलिखित हैं:
- सही अध्ययन योजना: छात्रों को अपनी पढ़ाई को सही तरीके से योजना बनाकर करनी चाहिए। नियमित अध्ययन से नकल की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
- समान्य मार्गदर्शन: छात्रों को परीक्षा से पहले अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहिए ताकि उन्हें परीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
- आत्मविश्वास: खुद पर विश्वास रखें और नकल करने के बजाय अपनी मेहनत से परीक्षा में सफलता प्राप्त करें।
- समय प्रबंधन: परीक्षा के दौरान समय का सही तरीके से प्रबंधन करें ताकि सभी प्रश्नों का उत्तर सही तरीके से दिया जा सके।



