
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने PRAGATI (Pro-Active Governance And Timely Implementation) पोर्टल की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि जब हम “प्रगति” की बात करते हैं, तो यह नए भारत की कार्य संस्कृति का एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि PRAGATI केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि सक्रिय शासन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यान्वयन की दिशा में एक प्रभावी प्रणाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और प्रदेश में जो सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में तकनीक के बेहतर उपयोग और अंतर-विभागीय समन्वय का परिणाम हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक सुधारों का एक महत्वपूर्ण मॉडल बताया।
PRAGATI पोर्टल की भूमिका पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि PRAGATI पोर्टल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सीधे संवाद और निगरानी का ऐसा मंच है, जहां लंबित परियोजनाओं और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न विभागों की जवाबदेही तय होती है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी पर रोक लगती है।
तकनीक और सुशासन का समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग प्रशासनिक दक्षता को कई गुना बढ़ा सकता है। PRAGATI पोर्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां डेटा आधारित समीक्षा, रीयल टाइम मॉनिटरिंग और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले जहां योजनाएं वर्षों तक लंबित रहती थीं, वहीं अब PRAGATI जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से समय सीमा तय कर कार्य पूर्ण कराए जा रहे हैं।
विकास परियोजनाओं की निगरानी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न केंद्र और राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करें और किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी न होने दें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
अधिकारियों को स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि PRAGATI पोर्टल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि हर विभाग अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए और जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले।
अंतर-विभागीय समन्वय की अहमियत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती विभागों के बीच तालमेल की होती है। PRAGATI पोर्टल इस चुनौती का समाधान प्रस्तुत करता है, क्योंकि यहां सभी संबंधित विभाग एक ही मंच पर आकर समस्याओं और परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं। इसके परिणामस्वरूप निर्णय प्रक्रिया तेज होती है और फाइलों में अटकने वाली योजनाएं समय पर पूरी हो पाती हैं।
नए भारत की कार्य संस्कृति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि PRAGATI पोर्टल नए भारत की कार्य संस्कृति को दर्शाता है, जहां जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणामों पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज शासन व्यवस्था में जनता का भरोसा बढ़ा है और विकास की गति तेज हुई है।



