श्रावस्ती: सौभाग्य योजना के दौरान करंट लगने से प्राइवेट लाइनमैन की हुई मौत, लापरवाही का लगा आरोप

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लालबोझी दरवेश टेपरी गांव में सौभाग्य योजना के तहत चल रहे विद्युत कार्य के दौरान एक प्राइवेट लाइनमैन की करंट लगने से मृत्यु हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। वहीं, बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानिए कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में नई बिजली लाइन जोड़ने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक प्राइवेट लाइनमैन बिजली के खंभे पर चढ़कर तार जोड़ रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम शटडाउन के दौरान किया जा रहा था, ताकि लाइन में करंट न रहे। हालांकि, अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे लाइनमैन करंट की चपेट में आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मजदूर खंभे पर ही अचेत हो गया। बाद में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने शुरू की अपनी जांच
घटना की सूचना मिलते ही मल्हीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, पूरे मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में शटडाउन लिया गया था या नहीं। यदि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट आया, तो यह एक गंभीर तकनीकी त्रुटि मानी जाएगी।
विभाग और ठेकेदार पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अक्सर मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के खंभों पर काम कराया जाता है। यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो संभव है कि यह हादसा टाला जा सकता था।

हालांकि, इस संबंध में अभी तक बिजली विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, ठेकेदार की ओर से भी जिम्मेदारी स्वीकार करने या स्पष्टीकरण देने की सूचना नहीं मिली है। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सुरक्षा मानकों पर शुरू हुई बहस
विद्युत कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है। इसलिए, नियमों के अनुसार किसी भी लाइन पर काम करने से पहले शटडाउन सुनिश्चित करना, लाइन की जांच करना और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए, तो ऐसे हादसों की संभावना काफी कम हो सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर से कार्यस्थल सुरक्षा और ठेका प्रणाली के तहत काम कर रहे श्रमिकों की स्थिति पर चर्चा तेज कर दी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों ने की मुआवजे की मांग
मृतक लाइनमैन के परिवार पर इस हादसे का गहरा प्रभाव पड़ा है। ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रशासन ने शुरू की संभावित कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी संभव है।

हालांकि, अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल सभी पक्षों के बयान और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
सौभाग्य योजना का कार्य चल रहा तेजी से – घटना ने दिए यह संकेत
सौभाग्य योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुविधा का विस्तार करना है। इसके तहत कई स्थानों पर तेजी से कार्य हो रहा है। हालांकि, कार्य की गति के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो ऐसी घटनाएं विकास कार्यों की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।

इस घटना ने यह संकेत दिया है कि बिजली कार्यों में सुरक्षा प्रशिक्षण, उपकरणों की उपलब्धता और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही, ठेका प्रणाली के तहत काम कर रहे श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा की सुनिश्चितता भी आवश्यक है।
श्रावस्ती के मल्हीपुर क्षेत्र में हुई यह घटना दुखद और चिंताजनक है। एक ओर जहां एक परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर पर चूक हुई और क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।



