कानपुर: नवरात्रि मेले में ‘दुकान’ पर घमासान! बजरंग दल का हल्लाबोल, पुलिस छावनी में तब्दील हुए मंदिर परिसर

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जहाँ एक ओर मंदिरों में ‘जय माता दी’ की गूंज है, वहीं कानपुर के प्रसिद्ध मेलों में ‘दुकानदारी’ को लेकर सियासी और धार्मिक पारा गरमा गया है। शहर के ऐतिहासिक तपेश्वरी देवी, बारादेवी और जंगली देवी मंदिरों में लगने वाले पारंपरिक मेलों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गैर-हिंदू व्यापारियों की मौजूदगी पर कड़ा ऐतराज जताया है।
बीती रात स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और प्रशासन ने कैसे संभाली स्थिति।
🛑 विवाद की जड़: ‘आस्था नहीं तो व्यापार क्यों?’
बजरंग दल का तर्क सीधा और सख्त है। संगठन के नेता शिवम सोनकर का कहना है कि नवरात्रि का मेला केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान है।
- ज्ञापन और चेतावनी: कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने 5 दिन पहले ही पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर मांग की थी कि मेले में केवल उन्हीं को दुकान लगाने दी जाए जिनकी आस्था इन परंपराओं में है।
- गंभीर आरोप: संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग पहचान छिपाकर मेलों में घुसते हैं, जिससे धार्मिक पवित्रता भंग होती है और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है।
🌙 रात का ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा
शनिवार की रात विवाद उस समय बढ़ गया जब खबर फैली कि 15-20 लोगों के एक गुट ने हिंदू व्यापारियों को डराने-धमकाने की कोशिश की है। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते तपेश्वरी मेला क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी होने लगी।
“जब आप देवी-देवताओं को मानते ही नहीं, तो उनके नाम पर लगने वाले मेले में आर्थिक लाभ क्यों लेना चाहते हैं?” — कार्यकर्ताओं का मुख्य सवाल।
👮 प्रशासन का एक्शन: पुलिस ने संभाला मोर्चा
कानपुर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला।
- भारी सुरक्षा बल: संवेदनशील इलाकों और मंदिर परिसरों में पीएसी (PAC) और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें न फैलें, इसके लिए डिजिटल वालंटियर्स को सक्रिय किया गया है।
- शांति की अपील: डीसीपी और अन्य अधिकारियों ने सभी समुदायों से भाईचारा बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
🔔 आगे क्या?
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और नवरात्रि के दर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे हैं। लेकिन सवाल वही है— क्या आने वाले दिनों में प्रशासन दुकानों के लिए कोई नई गाइडलाइन जारी करेगा?



