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यूपी कैबिनेट ने दी नई आबकारी नीति को मंजूरी, 1 अप्रैल से बढ़ेंगे देशी शराब के दाम

रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके अनुसार 1 अप्रैल से देशी शराब की कीमतों में वृद्धि की जाएगी। इस नीति के तहत शराब के दामों में बढ़ोतरी के साथ-साथ राज्य में शराब की बिक्री और वितरण से संबंधित कुछ अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं।

इस नई नीति में राज्य सरकार ने देशी शराब की कीमतों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिससे विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में इसका असर पड़ेगा। साथ ही, शराब दुकानों का कोटा भी बदल जाएगा और फुटकर दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। आइए जानते हैं इस नीति में क्या-क्या बदलाव हुए हैं और इसके प्रभाव क्या हो सकते हैं।

1 अप्रैल से बढ़ेंगे देशी शराब के दाम

यूपी की नई आबकारी नीति के तहत, 1 अप्रैल 2024 से देशी शराब की कीमतों में लगभग 5 रुपये का इजाफा होगा। इससे 36% अल्कोहल वाली देशी शराब की कीमत 165 रुपये से बढ़कर 173 रुपये प्रति बोतल हो सकती है। इस निर्णय का असर राज्य में देशी शराब के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, क्योंकि इससे शराब के दामों में सीधी वृद्धि होगी।

हालांकि, अन्य प्रकार की शराब जैसे कि विदेशी शराब की कीमतों में फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया गया है। यह बदलाव केवल देशी शराब पर लागू होगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस बदलाव से शराब के व्यापार में स्थिरता आएगी और राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

शहरी क्षेत्रों में शराब के कोटे में कमी

नई आबकारी नीति के तहत शहरी क्षेत्रों में शराब की दुकानों का कोटा घटाया जाएगा। यह कदम शहरी इलाकों में शराब की खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही, इससे शराब की दुकानों के संचालन में भी अधिक पारदर्शिता आएगी।

यूपी सरकार की इस नीति के अनुसार, अब अधिकतम शराब दुकानों का कोटा नहीं होगा। इससे राज्य में शराब की खपत पर काबू पाया जा सकेगा, और विशेषकर शहरी इलाकों में शराब की बिक्री में कमी आएगी।

फुटकर दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए

नई आबकारी नीति में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब राज्य में शराब की फुटकर दुकानों का आवंटन पारंपरिक तरीके से नहीं होगा। इसके बजाय, राज्य सरकार ने ई-लॉटरी प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे शराब की दुकानों का आवंटन एक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होगा, जिससे भ्रष्टाचार और मनमानी का रास्ता बंद होगा।

ई-लॉटरी प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी दुकानों का आवंटन पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से हो। इससे राज्य में शराब की दुकानों के संचालन में अधिक पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्ता और उचित मूल्य पर शराब की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

आबकारी नीति में अन्य प्रमुख बदलाव

नई आबकारी नीति में कई अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि शराब के उत्पादों पर अधिक नियंत्रण रखा जाएगा, ताकि शराब का सेवन सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से किया जा सके। इसके अलावा, शराब की दुकानों के लाइसेंस की अवधि में भी कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे शराब की बिक्री और वितरण को और अधिक नियंत्रित किया जा सके।

उम्मीद की जा रही है कि इस नई आबकारी नीति से राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जिससे राज्य के वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, यह नीति शराब के अवैध व्यापार को भी नियंत्रित करने में मदद करेगी, क्योंकि अब अधिकतर शराब की बिक्री कानूनी रूप से होती रहेगी।

क्या है इस नीति का प्रभाव?

नई आबकारी नीति के अंतर्गत किए गए बदलावों का राज्य के नागरिकों पर मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है। जहां एक ओर देशी शराब की कीमतों में वृद्धि से उपभोक्ताओं को महंगे दामों का सामना करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर ई-लॉटरी प्रणाली और शहरी क्षेत्रों में कोटे में कमी से शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा।

इस नीति से शराब की बिक्री को नियंत्रित करने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ ही राज्य सरकार को ज्यादा राजस्व भी प्राप्त हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से शराब के व्यवसाय में पारदर्शिता और स्थिरता आएगी, जिससे न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि नागरिकों के लिए भी शराब की गुणवत्ता और कीमत में सुधार हो सकता है।

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