मथुरा में शुरू हुई “नैन” फिल्म की शूटिंग: दर्शकों को मिलेगी दिल छूने वाली कहानी और मथुरा का फिल्मी सफर

मथुरा, जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, अब धीरे-धीरे फिल्मी दुनिया का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। पिछले 15 दिनों से मथुरा नगरी में एक नई फीचर फिल्म की शूटिंग चल रही है, जिसका नाम है नैन। यह फिल्म एक छोटी सी लड़की की प्रेरक कहानी पर आधारित है, जो नेत्रहीन होती है और उसकी माँ उसकी आँखों को वापस पाने के लिए संघर्ष करती है। फिल्म का निर्देशन मथुरा के ही प्रकाश सैनी कर रहे हैं, जिन्होंने पहले भी मथुरा में कई फिल्मों की शूटिंग की है।
इस तरह से है नैन’ फिल्म की कहानी और किरदार
फिल्म नैन की कहानी एक 5 साल की बच्ची की है, जिसे जन्म से ही दृष्टिहीनता का सामना करना पड़ता है। इस मासूम बच्ची का नाम नैन है, और उसकी माँ उसे आँखों की रोशनी दिलाने के लिए बहुत संघर्ष करती है। कहानी में एक ओर महत्वपूर्ण किरदार है एडवोकेट मानसी, जो नैन और उसकी माँ की मदद करने के लिए कानूनी राहों पर चलते हैं।

फिल्म में नैन का किरदार मिष्टी ने निभाया है, और उसकी माँ का किरदार निभा रही हैं मेघना पांचाल। फिल्म की कहानी की लेखिका हैं सुनीता अग्रवाल, जिन्होंने इस सशक्त और प्रेरक कहानी को रूपांतरित किया है।
जानिए मथुरा में फिल्म की शूटिंग का महत्व
मथुरा में इस फिल्म की शूटिंग एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इससे न केवल फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान मथुरा की ओर आकर्षित हो रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। फिल्म के निर्माता योगेश अग्रवाल के अनुसार, मथुरा में शूटिंग होने से शहर की साख बढ़ेगी और आने वाले समय में अन्य फिल्म निर्माता भी मथुरा में अपनी फिल्मों की शूटिंग करने के लिए प्रेरित होंगे।
इस फिल्म के शूटिंग स्थल मथुरा के प्रमुख स्थानों जैसे बंगाली घाट, विश्राम घाट, होली गेट और डैम्पियर नगर में हो रही है। इन स्थानों पर फिल्म की शूटिंग से मथुरा की सुंदरता और विविधता भी दर्शकों के सामने आएगी।
मथुरा वासियों का योगदान और फिल्म की सफलता
फिल्म की शूटिंग के दौरान मथुरा के स्थानीय लोगों ने फिल्म crew का भरपूर सहयोग किया। फिल्म के सिनेमेटोग्राफर सोनू पासवान, जो मुंबई से आए हैं, ने मथुरा की विभिन्न लोकेशन को बहुत सराहा और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को कैमरे में कैद करने का आनंद लिया। उन्होंने मथुरा में फिर से शूटिंग करने की इच्छा जाहिर की।

इस फिल्म में काम कर रहे कलाकारों को होली गेट की कचोरी, गोसाई की रबड़ी और अरोड़ा की चाय बहुत भाई, जिससे मथुरा के स्वादिष्ट व्यंजनों के प्रति उनका प्रेम भी झलकता है।
यह है मथुरा वासियों से अपील
फिल्म के निर्माता योगेश अग्रवाल ने मथुरा वासियों से एक अपील की है कि जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो, तो वे इसे ज़रूर देखें। उनका मानना है कि अगर इस फिल्म को मथुरा के लोग अपने प्यार और समर्थन से सफल बनाते हैं, तो भविष्य में और भी फिल्म निर्माताओं का रुझान मथुरा की ओर होगा, जिससे यहाँ के लोगों को और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
फिल्म निर्माण से मथुरा को मिल रही है पहचान
फिल्म निर्माण से मथुरा को न केवल पहचान मिल रही है, बल्कि इससे पर्यटन और व्यवसायों को भी लाभ हो रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में मथुरा का नाम जुड़ने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि मथुरा के स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और श्रमिकों को भी काम मिलेगा। इस प्रकार, यह फिल्म मथुरा की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाने में मददगार साबित हो सकती है।
अब जानें क्या हो सकता है फिल्म का अंत
फिल्म नैन मथुरा के लोगों और उनकी संस्कृति को एक नई पहचान दिला सकती है। फिल्म का निर्माण इस शहर को एक नई दिशा में ले जा सकता है, जहाँ फिल्म इंडस्ट्री का योगदान मथुरा की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकता है।
आखिरकार, यह सिर्फ एक फिल्म की शूटिंग नहीं है, बल्कि मथुरा के भविष्य में फिल्मों की शूटिंग और इसके आर्थिक और सांस्कृतिक विकास की संभावना का एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर आप भी मथुरा की खूबसूरती, संस्कृति और फिल्मी दुनिया को देखने का आनंद लेना चाहते हैं, तो फिल्म नैन को जरूर देखें और मथुरा को एक नई पहचान दिलाने में अपना योगदान दें।
यह हैं मथुरा में फिल्म निर्माण के फायदे:
- स्थानीय रोजगार के अवसर – मथुरा में फिल्म शूटिंग से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।
- पर्यटन में बढ़ोत्तरी – फिल्म के माध्यम से मथुरा की जगहों की लोकप्रियता बढ़ेगी।
- स्थानीय व्यवसाय का लाभ – मथुरा में शूटिंग के कारण स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।


