कानपुर देहात में हुआ तेज रफ्तार इको कार हादसा, तालाब में गिरने से 4 लोगों की मौत, 6 बचे

कानपुर देहात: शुक्रवार की रात को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब तेज रफ्तार में जा रही इको कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गई। इस हादसे में कार में सवार 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर बचा लिया गया। यह घटना शिवली कोतवाली क्षेत्र के बैरी गांव के पास हुई, जहां परिवार के सदस्य तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर वापस कानपुर जा रहे थे।
इस तरह तेज रफ्तार से हुई अनियंत्रित इको कार
हादसा उस समय हुआ जब इको कार में सवार 9 लोग कानपुर लौट रहे थे। परिवार के सदस्य तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। कार तेज रफ्तार से जा रही थी और चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई, जिसके बाद कार सड़क से उतरकर तालाब में गिर गई। कार के तालाब में गिरने के बाद उसमें सवार लोग अंदर फंस गए और मौके पर ही 4 लोगों की मौत हो गई।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की मदद से 6 लोगों को गंभीर हालत में तालाब से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मृतकों और घायलों की हुई पहचान
मृतकों में राजकिशोर, स्नेहलता, हिमांशु और शिव अग्निहोत्री शामिल हैं। वहीं, रेस्क्यू किए गए घायलों में कृतिका, सुधा, वाणी, कान्हा और सुधांशु शामिल हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें पूरी चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन की रही तत्परता
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र पाण्डेय समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया। एसपी नरेंद्र पाण्डेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 6 घायलों को बचाया। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है, जो बेहद दुखद है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और हादसे के कारणों का पता लगाएंगे।”

पुलिस ने यह भी बताया कि चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हादसा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का भी रहा बड़ा सहयोग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने तुरंत तालाब में कूदकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया। स्थानीय लोगों ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि हादसा काफी डरावना था और उनकी मदद से कई जानें बची हैं।

हादसे पर यह रहा पुलिस और प्रशासन का बयान
हादसे के बाद पुलिस अधीक्षक नरेंद्र पांडेय ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की और घायलों को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित की। उन्होंने यह भी कहा, “हमारी प्राथमिकता घायलों को जल्दी से जल्दी चिकित्सा सुविधा देना थी। इसके अलावा, इस हादसे की जांच पूरी तरीके से की जाएगी, ताकि आगे इस तरह के हादसों को रोका जा सके।”



