बलिया: कुंवर सिंह चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में दो गुटों के बीच मारपीट, एक हिरासत में

रिपोर्ट – जीतेन्द्र चतुर्वेदी
बलिया: कुंवर सिंह चौराहे पर शनिवार को दो युवकों के गुटों के बीच जबरदस्त मारपीट हुई, जो करीब 20 मिनट तक जारी रही। यह घटना तब हुई जब पुलिस मौके पर मौजूद थी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना न केवल सार्वजनिक रूप से हुई बल्कि पुलिस की उपस्थिति के बावजूद इसमें कोई ठहराव नहीं आया। घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या पुलिस की मौजूदगी में इस प्रकार के हिंसक कृत्य रोके जा सकते हैं।
इस तरह शुरू हुआ तांडव
शनिवार को दो युवक गुटों के बीच विवाद के कारण कुंवर सिंह चौराहे पर जमकर मारपीट हुई। इस दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, और एक पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव की कोशिश की। हालांकि, दबंगों का पुलिसकर्मी पर कोई असर नहीं हुआ और मारपीट जारी रही। यह घटना करीब 20 मिनट तक चलती रही, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाई।

मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी बीच-बचाव करता नजर आया, लेकिन दोनों गुटों के बीच हिंसा का स्तर बढ़ता गया। कुछ युवक मिलकर एक युवक की पिटाई कर रहे थे, और इसके बावजूद पुलिसकर्मी की कोई कार्रवाई न होने से यह स्थिति और बिगड़ गई।
कुछ देर बाद दिखा पुलिस का हस्तक्षेप
करीब 20 मिनट बाद सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और मारपीट का शिकार हुए युवक को हिरासत में ले लिया। युवक ने पुलिस से कहा, “आप लोग जान से मरवाएंगे मुझे, कोतवाली में मारेंगे।” युवक के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट था। पुलिस ने विरोध के बावजूद उसे गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले जाने का काम किया।
पुलिस का कहना है कि इस घटना की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में देखा जाएगा। पुलिस ने दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को थाने लाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि “दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को थाने लाया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो को मामले में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण साक्ष्य होगा, जो आरोपी की पहचान और कार्रवाई के लिए मददगार साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी में दोनों गुटों के बीच की हिंसा को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस वीडियो ने घटना की गंभीरता को उजागर किया और इस पर लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गईं। कई लोग इस घटना को लेकर पुलिस की निष्क्रियता की आलोचना कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिस को इस प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी।
हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच करते हुए इस वीडियो को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही है। इस वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर सकती है।
जानिए क्या है लोगों की प्रतिक्रिया और इसका निष्कर्ष
बलिया के कुंवर सिंह चौराहे पर हुई इस मारपीट ने एक बार फिर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। घटना की पुलिस की मौजूदगी में भी गंभीरता से न लेने की वजह से वहां अफरा-तफरी का माहौल बना और हिंसा का स्तर बढ़ गया।
पुलिस का कहना है कि वे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। इस घटना ने यह भी साबित कर दिया कि पुलिस के पास यदि पर्याप्त कार्रवाई का समय और सहमति हो, तो इस तरह की हिंसा को रोका जा सकता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सकेगा।



