एसआई भर्ती परीक्षा: सिविल डिफेंस स्वयंसेवियों ने अभ्यर्थियों को शहर में मार्गदर्शन और प्रदान किया सहयोग

“न्यूज़ डेस्क”
कानपुर: उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा के आयोजन के दौरान शहर की सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल डिफेंस के स्वयंसेवियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की मदद के लिए स्वयंसेवकों ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और शहर के प्रमुख चौराहों पर सहायता शिविर स्थापित किए।
इन शिविरों के माध्यम से परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन, परीक्षा केंद्रों की जानकारी और आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया, ताकि शहर में आवागमन और परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस तरह से गुजरा परीक्षा के दिन का दृश्य
परीक्षा के दिन सुबह से ही रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भीड़ देखने को मिली। शहर के विभिन्न चौराहों पर सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक सक्रिय रहे। उन्होंने अभ्यर्थियों को सही दिशा में मार्गदर्शन किया और साथ ही पानी, शेड और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई।

कई परीक्षार्थी दूर-दूर से आए थे। उनके लिए शिविर एक सुविधाजनक मदद केंद्र साबित हुआ। एक अभ्यर्थी ने कहा, “शहर में पहली बार आने पर हमें परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में मदद मिली। शिविर ने समय और तनाव दोनों बचाए।”
सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की भूमिका
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने केवल मार्गदर्शन ही नहीं किया, बल्कि सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखने में भी मदद की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी के परीक्षा केंद्र तक पहुँचें।

इसके अलावा, स्वयंसेवकों ने जिन्हें शहर का मार्ग पता नहीं था, उनके लिए नक्शे और निर्देश उपलब्ध कराए। यह पहल परीक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्था और सफल संचालन में मददगार साबित हुई।
परीक्षा और जानिए कितना रहा प्रशासन का सहयोग
प्रशासन ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी स्वयंसेवकों को सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और संसाधन उपलब्ध कराए।

इस सहयोग के परिणामस्वरूप, परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने में सुविधा मिली और शहर में किसी प्रकार की भीड़भाड़ या अव्यवस्था नहीं हुई।
यह रही अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
अभ्यर्थियों ने सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की मदद को अति सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से परीक्षा की तैयारी में मनोबल भी बढ़ता है। एक अभ्यर्थी ने कहा, “मैं गाँव से आया हूँ। अगर स्वयंसेवक मदद नहीं करते, तो मुझे परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में काफी परेशानी होती।” दूसरे अभ्यर्थी ने बताया कि शिविर में पहले सहायता, फिर मार्गदर्शन और अंतिम सुरक्षा तक का पूरा ध्यान रखा गया।
मिला डिजिटल और पारंपरिक सहयोग
सिविल डिफेंस ने केवल स्थानीय मार्गदर्शन नहीं किया, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए भी अभ्यर्थियों को जानकारी दी। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप चैनलों पर परीक्षा केंद्रों और समय-सारिणी की जानकारी साझा की गई। इस पहल ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यर्थियों को हर प्रकार की सहायता समय पर मिल सके।

कानपुर में एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने अपनी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी सहायता और मार्गदर्शन से अभ्यर्थियों को शहर में आसानी से आवागमन और परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में मदद मिली।



