हमीरपुर: यमुना नदी में डूब गई नाव – 6 लोग लापता, पूरी रात चला बचाव अभियान – जिले में छाया मातम

रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में नाव डूबने की घटना से इलाके में चिंता का माहौल बन गया। घाटमपुर से लौट रहे लोगों को लेकर जा रही एक नाव अचानक नदी में डूब गई, जिसके बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने तत्काल राहत एवं खोज अभियान शुरू कर दिया। हादसे में नाव पर सवार 9 लोगों में से 3 लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि 6 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार, लापता लोगों में एक महिला और पांच बच्चे शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचाव अभियान को तेज करने के लिए SDRF, NDRF और बाढ़ राहत इकाइयों की मदद ली जा रही है।
बीती देर शाम हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा बुधवार देर शाम करीब 8:30 बजे हुआ। गांव के लोग रोजाना नाव के माध्यम से यमुना नदी पार करते हैं। बताया जा रहा है कि नाव में सवार लोग एक सामान्य यात्रा से लौट रहे थे, लेकिन इस बार देर होने के कारण अंधेरा हो चुका था।

जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नाव घाटमपुर से 9 लोगों को लेकर आ रही थी। इसी दौरान नाव नदी के बीच में डूब गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

उन्होंने बताया कि शुरुआती प्रयासों में 3 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बाकी 6 लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने कहा कि बचाव कार्य पूरी रात जारी रखा जाएगा ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके।
SDRF और NDRF की टीम पहुंची थी मौके पर
घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए कई एजेंसियों को सक्रिय किया। SDRF की टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची और नदी में खोज अभियान शुरू किया। वहीं NDRF और बाढ़ राहत इकाइयों की अन्य टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।

अधिकारियों के अनुसार नदी का बहाव सामान्य होने के बावजूद रात का अंधेरा और पानी की गहराई बचाव कार्य में चुनौती पैदा कर रही है। इसके बावजूद टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है ताकि नदी के किनारों और गहरे हिस्सों में तलाश की जा सके।
नाविक ने बताई घटना की जानकारी
घटना में सुरक्षित बचे नाविक ने प्रशासन को बताया कि नाव अचानक पलटी नहीं थी, बल्कि धीरे-धीरे पानी भरने के बाद डूब गई। उसने कहा कि जिन लोगों को तैरना आता था, वे किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन बाकी लोग नदी में फंस गए।

नाविक के बयान के बाद प्रशासन तकनीकी कारणों की भी जांच कर रहा है। हालांकि शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि नाव में संतुलन बिगड़ने या पानी भरने की वजह से यह हादसा हुआ।
लापता लोगों में बच्चे भी शामिल
बांदा डिवीजन के DIG राजेश ने बताया कि नाव में कुल 9 लोग सवार थे। इनमें से 3 लोग सुरक्षित बाहर निकल आए हैं, जबकि 6 लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 1 महिला और 5 बच्चे शामिल हैं, जिनकी उम्र 5 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

बच्चों के लापता होने की खबर से परिजनों में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। वहीं गांव के लोग भी नदी किनारे एकत्र होकर राहत कार्य पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और राहत कार्य में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही स्थानीय लोगों को नदी पार करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह भी दी गई है। प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नाव संचालन से जुड़े नियमों की समीक्षा करने की तैयारी में है।
ग्रामीण इलाकों में नाव बना जीवन का सहारा
हमीरपुर और आसपास के कई गांवों में नदी पार करने के लिए नाव ही मुख्य साधन है। ग्रामीण प्रतिदिन काम, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए नाव का उपयोग करते हैं। हालांकि कई बार सुरक्षा उपकरणों की कमी और मौसम की परिस्थितियों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

;ोगों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाव संचालन के लिए सुरक्षा नियमों को और मजबूत करने की जरूरत है। लाइफ जैकेट, नियमित जांच और प्रशिक्षित नाविकों की व्यवस्था से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा। SDRF और अन्य टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

स्थानीय लोग भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं और नदी किनारे निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही लापता लोगों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

हमीरपुर में यमुना नदी में नाव डूबने की घटना ने एक बार फिर नदी पार करने की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटा हुआ है, जबकि परिजन अपने प्रियजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



