कानपुर: शहर की धड़कन मॉल रोड में जाम ही जाम – खाली मल्टीलेवल पार्किंग और सड़क पर अवैध कब्जों से लोग परेशान

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: शहर की पहचान माने जाने वाले मॉल रोड पर इन दिनों ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर की सबसे व्यस्त और प्रमुख सड़कों में शामिल यह मार्ग रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही का केंद्र है। हालांकि वर्तमान स्थिति यह है कि यहां वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस समस्या के समाधान के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई थी, वही पार्किंग अब अधिकांश समय खाली दिखाई देती है, जबकि सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नरोन्हा चौराहे से फूलबाग तक सड़क किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की वजह से स्थिति लगातार खराब हो रही है। इसके अलावा कई जगहों पर ठेले और अस्थायी दुकानें भी ट्रैफिक व्यवस्था में बाधा बन रही हैं। ऐसे में लोग प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
करोड़ों की मल्टीलेवल पार्किंग फिर भी सड़क पर खड़े होते हैं वाहन
कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क किनारे खड़े वाहनों की समस्या खत्म करने के उद्देश्य से मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे ताकि मॉल रोड जैसे व्यस्त इलाके में लोगों को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा मिल सके।

हालांकि वर्तमान स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। पार्किंग सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और ट्रैफिक जाम की समस्या और अधिक बढ़ जाती है।

स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि पार्किंग का सही तरीके से उपयोग कराया जाए, तो मॉल रोड पर काफी हद तक जाम की समस्या कम हो सकती है।
नरोन्हा चौराहे से फूलबाग तक बढ़ी समस्या
मॉल रोड के नरोन्हा चौराहे से लेकर फूलबाग तक कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इसके साथ ही कुछ इलाकों में ठेले और अस्थायी दुकानों का भी कब्जा बढ़ता जा रहा है।

लोगों का कहना है कि शाम के समय स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जब बाजारों में भीड़ बढ़ती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।
लोगों ने उठाए प्रशासन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन आम लोगों से तो कराया जाता है, लेकिन सड़क किनारे लंबे समय तक खड़ी रहने वाली कई लग्जरी गाड़ियों पर कार्रवाई कम दिखाई देती है।

इसी वजह से लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नियम सभी के लिए समान रूप से लागू हो रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से चालान और वाहन हटाने की कार्रवाई की जाए, तो स्थिति में सुधार संभव है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई बड़ा अभियान देखने को नहीं मिला है।
नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर चर्चा
मॉल रोड की वर्तमान स्थिति को लेकर नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली भी चर्चा में है। नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त अभियान चलाने की जरूरत है।

लोगों के अनुसार केवल सड़क चौड़ी करने या पार्किंग बनाने से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि नियमों का प्रभावी पालन भी जरूरी है। यदि सड़क किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण जारी रहेगा, तो किसी भी योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
व्यापारियों में व्यापार को लेकर है चिंता
कुछ स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार कई बार लोग दूरी या जानकारी के अभाव में मल्टीलेवल पार्किंग का उपयोग नहीं करते और सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं।

व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि पार्किंग तक स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं और लोगों को वहां वाहन खड़ा करने के लिए जागरूक किया जाए। इससे सड़क पर अनावश्यक दबाव कम हो सकता है।
शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा बड़ा असर
मॉल रोड कानपुर का प्रमुख मार्ग माना जाता है और यह कई महत्वपूर्ण बाजारों, कार्यालयों और संस्थानों को जोड़ता है। ऐसे में यहां लगातार लगने वाला जाम पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है।

वहीं ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक, निगरानी और नियमित कार्रवाई जरूरी है। साथ ही लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक होना होगा।
अतिक्रमण हटाने की उठी मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे अवैध कब्जों और गलत पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।

इसके अलावा नागरिकों ने यह भी मांग की है कि मल्टीलेवल पार्किंग का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि करोड़ों रुपये की यह सुविधा लोगों के काम आ सके।
प्रशासन से अब कार्रवाई की उम्मीद
लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या पर ध्यान देगा और ठोस कदम उठाएगा। यदि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग मिलकर समन्वय के साथ काम करें, तो मॉल रोड की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

कानपुर मॉल रोड पर बढ़ता ट्रैफिक जाम केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि शहरी यातायात प्रबंधन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी मल्टीलेवल पार्किंग के बावजूद सड़क पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण चिंता का विषय है।



