
“न्यूज़ डेस्क”
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में राज्य कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को राजस्व वृद्धि के साथ पारदर्शी और विश्वास आधारित प्रशासन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता ईमानदार व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का सम्मानजनक तथा त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली, राजस्व संग्रह, कर चोरी की रोकथाम और बोगस फर्मों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने जोनवार अधिकारियों से सीधे संवाद कर उनके कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन भी किया।
विश्वास आधारित प्रशासन पर दिया जोर
समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य की आर्थिक मजबूती के लिए कर व्यवस्था का प्रभावी होना बेहद जरूरी है। हालांकि इसके साथ ही व्यापारियों और उद्यमियों में सरकार के प्रति विश्वास बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कर संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होनी चाहिए। ईमानदारी से व्यापार करने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का व्यवहार सहयोगात्मक और समाधान आधारित होना चाहिए।
ईमानदार व्यापारियों को मिले सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में ईमानदार व्यापारियों को सुविधा और सुरक्षा देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और उन्हें सम्मानजनक व्यवहार मिले।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यापारी और उद्यमी सरकार की नीतियों पर भरोसा करेंगे, तो निवेश और कारोबार दोनों में वृद्धि होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कर चोरी और बोगस फर्मों पर सख्ती
समीक्षा बैठक के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कर चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत तरीकों से राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक और डेटा विश्लेषण का उपयोग कर बोगस फर्मों की पहचान की जाए। साथ ही ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि कर व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
जोनवार अधिकारियों से किया संवाद
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जोन के अधिकारियों से सीधे संवाद किया और उनके कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान राजस्व संग्रह की स्थिति, लंबित मामलों और विभागीय चुनौतियों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल आंकड़ों पर ध्यान न दें, बल्कि करदाताओं की समस्याओं को समझकर समाधान निकालने का प्रयास करें। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की।
डिजिटल व्यवस्था पर भी दिया बल
राज्य कर विभाग की समीक्षा के दौरान डिजिटल प्रणाली और तकनीकी सुधारों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि व्यापारियों को विभागीय कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी।
राजस्व वृद्धि पर सरकार का फोकस
राज्य कर विभाग की समीक्षा के दौरान राजस्व वृद्धि को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मजबूत राजस्व व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नए राजस्व स्रोतों की पहचान करें और कर संग्रह प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएं। हालांकि इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव न बने।
व्यापारिक माहौल सुधारने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री द्वारा ईमानदार व्यापारियों को सम्मान और सुविधा देने की बात इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इसके अलावा कर प्रक्रिया को सरल बनाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी राहत मिल सकती है। इससे राज्य में नए निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
अधिकारियों को दी जवाबदेही की सीख
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी का कार्य प्रदर्शन लगातार समीक्षा के दायरे में रहेगा। इसलिए सभी अधिकारी पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
व्यापारियों ने फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री के निर्देशों को लेकर व्यापारिक संगठनों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई व्यापारियों ने कहा कि यदि विभागीय प्रक्रियाएं सरल हों और समस्याओं का समय पर समाधान मिले, तो कारोबार करना आसान होगा।

इसके अलावा व्यापारियों ने कर चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई को भी जरूरी बताया। उनका कहना है कि इससे ईमानदारी से व्यापार करने वालों को बराबरी का अवसर मिलेगा।

लखनऊ में हुई राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता राजस्व वृद्धि के साथ पारदर्शी और विश्वास आधारित प्रशासन को मजबूत करना है। ईमानदार व्यापारियों को सुविधा और सम्मान देने के साथ-साथ कर चोरी और बोगस फर्मों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश राज्य की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन निर्देशों का असर विभागीय कार्यप्रणाली और व्यापारिक माहौल दोनों पर दिखाई दे सकता है।



