उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार: ₹7,145 करोड़ की कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को मंजूरी
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक और बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबरई 4/6 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | आंकड़े |
| कुल लंबाई | 117.7 किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | ₹7,145.14 करोड़ |
| मॉडल | BOT (टोल) मॉडल |
| संस्था | भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) |
| डिजाइन गति | 80 – 100 किमी/घंटा |

यात्रा में समय की भारी बचत
इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण से यात्रियों को अत्यधिक सुविधा होगी। वर्तमान में कानपुर से कबरई की यात्रा में लगने वाला 3.5 घंटे का समय घटकर मात्र 1.5 घंटे रह जाएगा, जिससे लगभग 58% समय की बचत होगी। यह न केवल यात्रियों का कीमती समय बचाएगा, बल्कि ईंधन की खपत कम कर वाहन संचालन लागत में भी कमी लाएगा।
कनेक्टिविटी का नया नेटवर्क
यह हाईवे भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट प्रमुख राष्ट्रीय और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ेगा:
- NH-34 और NH-35 के साथ सुगम जुड़ाव।
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और कानपुर रिंग रोड से कनेक्टिविटी।
- सागर और भोपाल जैसे बड़े शहरों तक तेज पहुंच।
आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन लाभ
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा यह हाईवे विकास के नए द्वार खोलेगा:
- औद्योगिक विकास: यह कॉरिडोर उन्नाव, रनिया, जैनपुर और कानपुर नगर के 16 प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगा।
- लॉजिस्टिक्स हब: कानपुर, हमीरपुर, बांदा और महोबा जैसे क्षेत्रों के 10 प्रमुख लॉजिस्टिक हब अब बेहतर कनेक्टिविटी के साथ जुड़ेंगे।
- पर्यटन को बढ़ावा: यह हाईवे कानपुर जूलॉजिकल पार्क, जे.के. टेंपल और महोबा के ऐतिहासिक स्थलों सहित 9 प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाएगा।
- खनन और कृषि: कबरई के खनन क्षेत्र से खनिज, औद्योगिक कच्चे माल और कृषि उत्पादों की ढुलाई अब तेज और सस्ती होगी।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। निर्माण कार्य के दौरान लगभग 1.2 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो स्थानीय निवासियों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आय के नए स्रोत बनेंगे।
निष्कर्ष: कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक कायाकल्प का आधार है। यह परियोजना क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और व्यापार को गति देने के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी।



