
“न्यूज़ डेस्क”
थाईलैंड ने भारतीय पर्यटकों के लिए अपने वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब भारतीय नागरिकों को पहले की तरह लंबी अवधि तक वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा नहीं मिलेगी। थाई सरकार ने भारत को दोबारा Visa on Arrival श्रेणी में शामिल कर दिया है। इसके तहत अब भारतीय नागरिक सीमित समय के लिए ही थाईलैंड में रुक सकेंगे और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी देना होगा।

यह फैसला पर्यटन और आव्रजन नियमों की समीक्षा के बाद लिया गया है। पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और यात्रियों द्वारा थाईलैंड का दौरा किया जा रहा था। ऐसे में अब नए नियम लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी और तैयारी के साथ बनानी होगी।
जानिए क्या बदला है नए नियमों में
पहले भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में बिना वीजा के 60 दिनों तक रहने की अनुमति दी गई थी। यह सुविधा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई थी। हालांकि अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार भारतीय नागरिकों को अब Visa on Arrival के तहत प्रवेश मिलेगा। इसके अंतर्गत यात्री केवल 15 दिनों तक ही थाईलैंड में रुक सकेंगे। इसके अलावा यात्रियों को वीजा शुल्क भी देना होगा, जो पहले वीजा-फ्री व्यवस्था में लागू नहीं था।
पढ़िए क्यों लिया गया यह फैसला
हालांकि थाई सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि आव्रजन नियमों के बेहतर प्रबंधन और बढ़ती पर्यटक संख्या को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई देशों में वीजा-फ्री एंट्री की व्यवस्था समय-समय पर समीक्षा के अधीन रहती है। यदि किसी देश में पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ती है या आव्रजन नियमों के पालन में चुनौतियां सामने आती हैं, तो सरकार नियमों में बदलाव कर सकती हैं।
भारतीय पर्यटकों पर क्या होगा असर
भारत से हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक थाईलैंड घूमने जाते हैं। बैंकॉक, पटाया, फुकेत और क्राबी जैसे पर्यटन स्थल भारतीय यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। ऐसे में नए नियमों का सीधा असर भारतीय पर्यटकों की यात्रा योजना पर पड़ सकता है।

अब यात्रियों को अपनी यात्रा अवधि सीमित रखनी होगी। साथ ही Visa on Arrival के लिए आवश्यक दस्तावेज और शुल्क की व्यवस्था पहले से करनी पड़ेगी। हालांकि 15 दिनों की अवधि छोटे पर्यटन ट्रिप के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, लेकिन लंबे समय तक रुकने वाले यात्रियों को अलग वीजा प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
क्या है Visa on Arrival व्यवस्था
Visa on Arrival ऐसी सुविधा होती है, जिसमें यात्री संबंधित देश के एयरपोर्ट या निर्धारित एंट्री प्वाइंट पर पहुंचकर वीजा प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पहले से दूतावास जाकर वीजा लेने की जरूरत नहीं होती।

हालांकि यात्रियों को पासपोर्ट, होटल बुकिंग, रिटर्न टिकट और पर्याप्त वित्तीय संसाधनों से जुड़े दस्तावेज दिखाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित वीजा शुल्क भी जमा करना होता है।
यात्रा से पहले किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय यात्रियों को अब थाईलैंड की यात्रा से पहले कुछ जरूरी तैयारियां करनी चाहिए। सबसे पहले यात्रा की अवधि 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा पासपोर्ट की वैधता और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी होगा।

यात्रियों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले थाईलैंड के आधिकारिक आव्रजन नियमों की जानकारी अवश्य लें, क्योंकि समय-समय पर नियमों में बदलाव हो सकते हैं।
पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है असर
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों का असर पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई दे सकता है। भारत थाईलैंड के लिए प्रमुख पर्यटन बाजारों में से एक है। बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक हर साल वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि Visa on Arrival की सुविधा जारी रहने के कारण पर्यटन पूरी तरह प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि यह प्रक्रिया अभी भी अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है।
एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियां भी सतर्क
नए नियम लागू होने के बाद एयरलाइंस कंपनियां और ट्रैवल एजेंसियां भी यात्रियों को अपडेट जानकारी दे रही हैं। कई एजेंसियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे टिकट और होटल बुकिंग से पहले वीजा नियमों की जांच जरूर करें।

इसके अलावा कुछ ट्रैवल कंपनियां अब विशेष पैकेज तैयार कर रही हैं, जिनमें 15 दिनों की अवधि को ध्यान में रखकर यात्रा कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं।
भारतीय यात्रियों के लिए लोकप्रिय बना हुआ है थाईलैंड
नियमों में बदलाव के बावजूद थाईलैंड भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। यहां के समुद्री तट, नाइट मार्केट, सांस्कृतिक स्थल और स्वादिष्ट भोजन बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

इसके अलावा कम खर्च में अंतरराष्ट्रीय यात्रा का विकल्प होने के कारण भी थाईलैंड भारतीय युवाओं और परिवारों के बीच पसंदीदा पर्यटन स्थल माना जाता है।
विशेषज्ञों ने दी अपडेट रहने की सलाह
यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाते समय यात्रियों को हमेशा वीजा और आव्रजन नियमों की नवीनतम जानकारी लेते रहना चाहिए। कई बार नियमों में अचानक बदलाव हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।

थाईलैंड द्वारा भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों में किया गया बदलाव यात्रा करने वालों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। अब भारतीय यात्रियों को 60 दिनों की वीजा-फ्री सुविधा के बजाय Visa on Arrival के तहत सीमित अवधि की अनुमति मिलेगी। हालांकि इससे यात्रा प्रक्रिया थोड़ी बदल जाएगी, लेकिन सही तैयारी और जानकारी के साथ भारतीय पर्यटक अब भी आसानी से थाईलैंड की यात्रा कर सकेंगे।



