कानपुर: केशव पुरम में स्कूल के पास शराब बिक्री का वीडियो हो रहा वायरल, नियमों पर उठे सवाल

रिपोर्ट – हिमांशु श्रीवास्तव
कानपुर: केशवपुरम आवास विकास क्षेत्र से एक वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शराब की दुकान देर रात तक खुली रहती है और यह दुकान कथित रूप से एक स्कूल के बेहद करीब स्थित है।

हालांकि इस मामले की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्रीय नागरिकों के बीच चिंता का माहौल जरूर बन गया है।
स्कूल के पास दुकान होने का किया गया दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित शराब की दुकान केडीएमए (KDMA) स्कूल से कुछ ही दूरी पर संचालित हो रही है। नागरिकों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों के आसपास शराब की बिक्री को लेकर स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। ऐसे में यदि दुकान स्कूल के समीप है, तो यह नियमों के अनुपालन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि दुकान की वास्तविक दूरी और लाइसेंस की शर्तों की आधिकारिक जांच अभी शेष है।
देर रात तक बिक्री का है आरोप
वायरल वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि दुकान रात 12 बजे तक खुली रहती है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन का मामला हो सकता है।

आमतौर पर राज्य आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकानों के संचालन के लिए निश्चित समय निर्धारित किया जाता है। ऐसे में देर रात तक बिक्री की पुष्टि होने पर विभागीय कार्रवाई संभव है।
स्थानीय निवासियों ने जताई चिंता
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि स्कूल के सामने शराब की दुकान होने से बच्चों और अभिभावकों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ सकता है। उनका यह भी कहना है कि देर रात तक लोगों की आवाजाही से क्षेत्र का वातावरण प्रभावित होता है।

इसके अलावा, अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाए जाएं।
प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित विभागों को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट होने के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानिए नियम क्या कहते हैं?
सामान्यतः शिक्षा संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों के लिए दूरी संबंधी नियम बनाए जाते हैं। इन नियमों का उद्देश्य सामाजिक संतुलन और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना होता है।

यदि किसी दुकान का लाइसेंस इन मानकों के अनुरूप नहीं है, तो संबंधित विभाग को कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
यह हो सकती है जांच और संभावित कार्रवाई
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में सबसे पहले दूरी और लाइसेंस की शर्तों की जांच की जानी चाहिए। इसके बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि वह पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनता को सही जानकारी उपलब्ध कराए।

कानपुर के केशवपुरम क्षेत्र में स्कूल के पास शराब बिक्री का वायरल वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह मामला सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है।

ऐसे में आवश्यक है कि संबंधित विभाग निष्पक्ष जांच कर तथ्य स्पष्ट करें। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो स्थिति को स्पष्ट कर भ्रम दूर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, क्षेत्र के नागरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मुद्दे पर शीघ्र और पारदर्शी कदम उठाएगा।



