कानपुर: भोजपुरी फिल्म ‘ऑपरेशन कुर्सी’ और ‘सॉरी अम्मा’ की शूटिंग से उमड़ी भीड़, जमकर थिरके हीरो – हीरोइन

रिपोर्ट – आलोक त्रिवेदी
कानपुर: घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बरीपाल कस्बे में इन दिनों फिल्मी माहौल देखने को मिल रहा है। भोजपुरी फिल्मों ‘ऑपरेशन कुर्सी’ और ‘सॉरी अम्मा’ की शूटिंग शुरू होते ही पूरा क्षेत्र उत्साह से भर गया है। पिछले एक सप्ताह से जारी शूटिंग के कारण स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

दरअसल, छोटे कस्बों में जब फिल्मी सितारे पहुंचते हैं तो वह स्थान अचानक चर्चा का केंद्र बन जाता है। बरीपाल में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है।
शूटिंग स्थल पर उमड़ी भारी दर्शकों की भीड़
शूटिंग शुरू होते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ लोकेशन पर पहुंच रही है। लोग छतों, दुकानों और यहां तक कि पानी के टैंकरों पर चढ़कर शूटिंग का दृश्य देखने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं में खास उत्साह नजर आ रहा है। वे अपने पसंदीदा कलाकारों के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं।

हालांकि भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए आयोजकों और स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि शूटिंग कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।
फिल्मी सितारों की मौजूदगी से बढ़ा आकर्षण
इन फिल्मों में भोजपुरी सिनेमा के जाने-माने कलाकार संजय पांडेय, अंशुमान राजपूत, शिवानी सिंह और राम सुजान सिंह मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। कलाकारों की उपस्थिति ने बरीपाल को मानो फिल्मी नगरी में बदल दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े कलाकारों को अपने कस्बे में देखना उनके लिए गर्व का विषय है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई फिल्म की शूटिंग की चर्चा कर रहा है।
निर्देशन में दिखी नई ऊर्जा
फिल्म का निर्देशन विकास विश्वकर्मा कर रहे हैं। उनके निर्देशन में शूटिंग व्यवस्थित और पेशेवर अंदाज में चल रही है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी सामाजिक विषयों से जुड़ी है, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ संदेश भी देगी।

इसके अलावा, निर्देशक ने स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की है। उनका कहना है कि ग्रामीणों के समर्थन से शूटिंग कार्य सहजता से संपन्न हो रहा है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला प्रोत्साहन
फिल्म शूटिंग का प्रभाव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिल रहा है। दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों का कहना है कि शूटिंग के कारण कस्बे में लोगों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे बिक्री में भी वृद्धि हुई है।

इसके साथ ही, कई स्थानीय युवाओं को अस्थायी रोजगार के अवसर भी मिले हैं। कुछ लोग तकनीकी टीम की सहायता कर रहे हैं, तो कुछ व्यवस्थापन में योगदान दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा
शूटिंग की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और कलाकारों के साथ ली गई तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। इससे बरीपाल कस्बे को व्यापक पहचान मिल रही है।

स्थानीय जानकारों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से छोटे कस्बों की पहचान मजबूत होती है और पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था पर दिया गया ध्यान
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

आयोजकों ने भी अपील की है कि लोग संयम बनाए रखें और शूटिंग कार्य में बाधा न डालें।
क्षेत्र के लिए थी नई पहचान
भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग ने बरीपाल को नई पहचान दी है। जहां पहले यह कस्बा सीमित पहचान रखता था, वहीं अब फिल्मी गतिविधियों के कारण यह चर्चा में है।

स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि भविष्य में भी यहां फिल्म शूटिंग जैसे आयोजन होते रहेंगे, जिससे क्षेत्र का विकास और पहचान दोनों मजबूत होंगे।

कानपुर के बरीपाल कस्बे में भोजपुरी फिल्म ‘ऑपरेशन कुर्सी’ और ‘सॉरी अम्मा’ की शूटिंग ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया है। फिल्मी सितारों की मौजूदगी, ग्रामीणों की भागीदारी और बढ़ती हलचल ने इस कस्बे को खास बना दिया है।

निस्संदेह, कानपुर बरीपाल भोजपुरी फिल्म शूटिंग आने वाले समय में इस क्षेत्र के लिए यादगार साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल न केवल मनोरंजन बल्कि विकास की दिशा में भी सकारात्मक कदम सिद्ध होगी।



