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कानपुर: एसपीसीए को सक्रिय बनाने पर जोर, पेट शॉप्स पंजीकरण और पशु चिकित्सकों की दो पालियों में ड्यूटी

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा 

कानपुर: नगर में पशु कल्याण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की। बैठक में नवनियुक्त एसपीसीए (सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स) के सदस्यों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अलावा, बैठक में पशु कल्याण से जुड़े नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और संस्था को अधिक सक्रिय बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

एसपीसीए को अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बनाने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एसपीसीए को अपने उद्देश्यों के अनुरूप पूरी सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

इसके साथ ही उन्होंने संस्था के सुचारू संचालन के लिए निजी पशु चिकित्सक की नियुक्ति नियमानुसार चयन प्रक्रिया के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

नोडल अधिकारी और ड्यूटी व्यवस्था में बदलाव

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि एसपीसीए के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाए।

इसके अलावा, पशु चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए दो पालियों में कार्य विभाजन करने का निर्णय लिया गया। पहली पाली दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक और दूसरी पाली 2 बजे से 4 बजे तक निर्धारित की गई है।

साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

पेट शॉप्स के पंजीकरण पर सख्ती

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी पेट शॉप्स के अनिवार्य पंजीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण के किसी भी पेट शॉप का संचालन नियमों के विरुद्ध माना जाएगा।

इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि पेट शॉप्स में बेचे जाने वाले पशुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। इससे पशुओं की देखभाल और उनके व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

पशु कल्याण और सुविधा पर विशेष ध्यान

नगर निगम के मुख्य पशु कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया गया कि पशु चिकित्सकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अलग कक्ष की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।

इससे न केवल कार्यक्षमता में सुधार होगा, बल्कि पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति और सहयोग

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर, पशु चिकित्साधिकारी कल्याणपुर एवं रूमा सहित एसपीसीए के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने पशु कल्याण से जुड़े सुधारों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।

कानपुर में एसपीसीए को सक्रिय बनाने और पशु कल्याण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए ये कदम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पेट शॉप्स के पंजीकरण, रिकॉर्ड प्रबंधन और पशु चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था में सुधार से प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

आने वाले समय में इन निर्णयों के क्रियान्वयन से पशु कल्याण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है, जिससे कानपुर में एक बेहतर और जिम्मेदार पशु संरक्षण प्रणाली विकसित हो सकेगी।

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