बिजनौर: तूल पकड़ता जा रहा है नाबालिग विशाल के धर्म परिवर्तन का मामला, परिजनों ने जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार

रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से एक नाबालिग युवक के कथित धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि काम के सिलसिले में बाहर गए उनके बेटे का कश्मीर में धर्म परिवर्तन कर दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

यह मामला सामने आने के बाद परिवार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील की है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
काम के लिए गया था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशाल नामक किशोर थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के बाखरपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि वह काम के सिलसिले में कश्मीर गया था।

परिवार का आरोप है कि वहीं उसके धर्म परिवर्तन से जुड़ी जानकारी उन्हें मिली। हालांकि, इस संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि तथ्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
परिजनों ने जनप्रतिनिधियों से मांगी मदद
मामले की जानकारी मिलने के बाद विशाल के माता-पिता स्थानीय भाजपा नेता ऐश्वर्या चौधरी के आवास पहुंचे और सहायता की गुहार लगाई।

बताया जा रहा है कि नेता ने परिजनों की युवक से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कराई। इस दौरान माता-पिता भावुक नजर आए। परिवार ने अपने बेटे को सकुशल घर वापस लाने की मांग की।

भाजपा नेता ने आश्वासन दिया कि वे मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
जानिए विधायक और पुलिस प्रशासन का बयान
इस मामले पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक मौसम चौधरी ने कहा कि युवक की वापसी के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी संबंधित पक्ष मामले पर नजर बनाए हुए हैं और उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) संग्राम सिंह ने भी आश्वासन दिया है कि यदि कोई अवैध गतिविधि सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले की जांच तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना से बचा जा सके।
प्रशासन की प्राथमिकता: शांति और कानून व्यवस्था
प्रशासन का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा न करें।

इसके अतिरिक्त, पुलिस संबंधित राज्यों के अधिकारियों से भी संपर्क स्थापित कर रही है, ताकि युवक की स्थिति की पुष्टि की जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
सामाजिक दृष्टिकोण और सतर्कता की आवश्यकता
ऐसे मामलों में तथ्य और अफवाह के बीच अंतर करना अत्यंत आवश्यक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर संयमित प्रतिक्रिया और विधिक प्रक्रिया का पालन ही समाधान का उचित मार्ग है।

परिवारों को भी अपने बच्चों के रोजगार या अन्य कारणों से बाहर जाने की स्थिति में संपर्क बनाए रखने और दस्तावेजी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सकती है।
जानिए आगे की राह
फिलहाल, परिजन अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

जांच पूरी होने और युवक की वापसी के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक सभी संबंधित पक्ष संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

यह प्रकरण दर्शाता है कि संवेदनशील विषयों पर तथ्यात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, ताकि समाज में सौहार्द और कानून व्यवस्था बनी रहे।



