बिजनौर: रामगंगा नदी में थार से खतरनाक स्टंट का वीडियो हो रहा वायरल, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: जनपद से सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए जान जोखिम में डालने का एक मामला सामने आया है। कालागढ़ क्षेत्र में बहने वाली रामगंगा नदी के तेज बहाव के बीच कुछ युवकों द्वारा एसयूवी वाहन उतारकर स्टंट करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक गहरे और उफनते पानी में थार गाड़ी दौड़ाते हुए रील बना रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो ने खींचा सबका ध्यान
सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में साफ नजर आता है कि नदी का बहाव तेज है और पानी का स्तर भी सामान्य से अधिक प्रतीत हो रहा है। इसके बावजूद युवक वाहन को पानी के भीतर ले जाते हैं और कैमरे के सामने स्टंट करते हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो हाल का है या पूर्व की किसी तिथि का। फिर भी, वायरल होने के बाद इसने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कृत्य न केवल वाहन चालकों के लिए बल्कि आसपास मौजूद लोगों के लिए भी जोखिम भरे हो सकते हैं।
और फिर प्रशासन ने लिया संज्ञान
वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन के पंजीकरण नंबर और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो मोटर वाहन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए इस प्रकार के जोखिमपूर्ण कदम न उठाएं।
समझिए सोशल मीडिया और जोखिमपूर्ण ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘रील’ और ‘शॉर्ट वीडियो’ बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। हालांकि, कई बार यह लोकप्रियता की होड़ खतरनाक रूप ले लेती है।

डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, नदी, पहाड़ या व्यस्त सड़कों पर स्टंट करना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हो सकता है।

इसी संदर्भ में प्रशासन ने युवाओं से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की है।
पर्यावरणीय है खिलवाड़ और जानिए कानूनी पहलू
रामगंगा नदी क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह और तटों पर इस प्रकार की गतिविधियां पारिस्थितिकी संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।

साथ ही, नदी में वाहन उतारना कई परिस्थितियों में नियमों का उल्लंघन हो सकता है। यदि बिना अनुमति या सुरक्षा उपायों के ऐसा किया गया है, तो संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है।
स्थानीय लोगों में शुरू है चर्चा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नदी का बहाव अक्सर अचानक बढ़ जाता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इस तरह के स्टंट से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

हालांकि, घटना के समय किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों का मानना है कि समय रहते प्रशासन की सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई न जाएं।
जानिए पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। तकनीकी टीम के माध्यम से वीडियो की लोकेशन और समय की पुष्टि की जाएगी।

यदि संबंधित वाहन और युवकों की पहचान हो जाती है, तो नियमानुसार चालान, वाहन जब्ती या अन्य विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

साथ ही, प्रशासन जागरूकता अभियान चलाने पर भी विचार कर रहा है, जिससे युवाओं को जोखिमपूर्ण ट्रेंड के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा सके।

बिजनौर में रामगंगा नदी में थार से स्टंट का वायरल वीडियो सोशल मीडिया के प्रभाव और जिम्मेदारी के प्रश्न को एक बार फिर सामने लाता है। लोकप्रियता की चाह में उठाया गया एक गलत कदम गंभीर परिणाम ला सकता है।

हालांकि, इस मामले में कोई दुर्घटना नहीं हुई, फिर भी प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा सर्वोपरि है। अतः आवश्यक है कि युवा सोशल मीडिया का उपयोग रचनात्मक और सुरक्षित तरीके से करें, ताकि न तो स्वयं को और न ही दूसरों को किसी प्रकार का खतरा हो।



