
कानपुर: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में एक जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया और प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ तीखे बयान दिए, खासकर पुलिस की भूमिका और एनकाउंटर पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि कानपुर शहर में कानून-व्यवस्था का क्या हाल है, इसे सभी जानते हैं, और शहर के लोग अपने मुद्दों को लेकर पूरी तरह से सजग हैं।
कानपुर वालों के कान बहुत तेज होते हैं
अखिलेश यादव ने अपने भाषण में कहा, “कानपुर वालों के कान बहुत तेज होते हैं, वे अपनी बात सही समय पर सुनते और समझते हैं।” उनके इस बयान के पीछे एक गहरी राजनीतिक संदेश छिपा हुआ था। उन्होंने यह संकेत दिया कि कानपुर की जनता पूरी तरह से सचेत है और सरकार की नाकामियों को समझ रही है। इस दौरान अखिलेश ने स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय होने की बात की और कहा कि जो लोग कानपुर में रहते हैं, वे हमेशा से ही अपनी आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं।
एनकाउंटर और माफिया पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने अपनी टिप्पणी में आगे कहा, “यहां के एनकाउंटर माफिया को तो अब बॉलीवुड वालों से भी फोन आ रहे हैं।” उनका यह बयान उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर की घटनाओं और अपराधियों से जुड़े मामलों पर था। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एनकाउंटर का नाम लेकर कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार ने पुलिस को यह छूट दी है कि वह बिना किसी सही कानूनी प्रक्रिया के अपराधियों का सफाया कर दें।
अखिलेश यादव ने इस पर भी तंज कसते हुए कहा कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से ज्यादा फिल्मों के सेट्स पर नजर आने लगी है। उनका कहना था कि एनकाउंटर के नाम पर एक अराजक माहौल पैदा किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से अनुशासनहीनता की ओर इशारा करता है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
अखिलेश यादव ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “हथेली गरम, पुलिस नरम” की स्थिति बन गई है। उनका इशारा था कि पुलिस अधिकारियों के पास भ्रष्टाचार के आरोप हैं और वे सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं, और भ्रष्टाचार के चलते पुलिस पर लोग भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस की कार्रवाई पर नियंत्रण खो दिया है और इससे अपराधियों के हौसले और बढ़ गए हैं। इस दौरान, अखिलेश ने कई ऐसे उदाहरण दिए जब अपराधियों को सरकार की शह मिलने के आरोप लगे थे।
सरकार की नाकामियां और जनता का गुस्सा
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “कानपुर में कानून का राज नहीं, बल्कि गुंडागर्दी का राज है।” उनका कहना था कि प्रदेश की सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय उन्हें शह दे रही है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी घेरते हुए कहा कि सरकार की नाकामी के कारण ही कानपुर जैसे बड़े शहर में भी कानून-व्यवस्था का टोटा हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर जैसे शहरों में लोगों के बीच अब सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है, और आने वाले चुनावों में इसका असर दिखेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वह अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े हों।
कानपुर में पुलिस की सख्ती और राजनीतिक स्थिति
अखिलेश यादव के बयान से यह भी साफ था कि वह आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने यह संकेत दिया कि कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में पुलिस और सरकार के खिलाफ नकारात्मक रुख का असर चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। उनका यह बयान प्रदेश के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकता है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कानपुर, जो उत्तर प्रदेश के औद्योगिक हब के रूप में जाना जाता है, इस समय कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। अखिलेश यादव के आरोपों और टिप्पणियों ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया है।



