Astronaut Shubhanshu Shukla : गोमतीनगर विस्तार के सीएमएस में गूंजा बच्चों का जोश, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का हुआ भव्य स्वागत

लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) का वातावरण शुक्रवार को बेहद खास रहा। स्कूल के हजारों बच्चों ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का गर्मजोशी से स्वागत किया। जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, पूरा कैंपस तालियों और नारों से गूंज उठा। बच्चों के उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
“हाउ इज़ द जोश?” पर गूंजा कैंपस
कार्यक्रम के बीच शुभांशु शुक्ला ने बच्चों से पूछा – “मुझे और लाउड जोश चाहिए… हाउ इज़ द जोश?”
जवाब में पूरा स्कूल मैदान बच्चों की आवाज़ से भर गया – “हाई सर, हाई सर!”
इस ऊर्जावान माहौल को देखकर शुभांशु भी उत्साहित हो उठे और मुस्कुराते हुए बोले –
“वाह वाह, पूरा भारत तुम्हें सुन रहा था।”
बच्चों की ऊर्जा ने मिटाई थकान
“
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि सीएमएस आने से पहले वे थके हुए महसूस कर रहे थे, लेकिन बच्चों के चेहरे पर दिखता उत्साह और ऊर्जा देखकर उनकी सारी थकान मिट गई। उन्होंने कहा –
“तुम्हारी खुशी और पसीने से भीगे चेहरे देखकर मैं चकित हूं। यह जोश ही तुम्हें आगे बढ़ाएगा और नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।”
बच्चों को दी प्रेरणा
अंतरिक्ष यात्री ने बच्चों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए तीन बातें बेहद ज़रूरी हैं –
- कड़ी मेहनत – बिना परिश्रम के कोई भी लक्ष्य संभव नहीं।
- आत्मविश्वास – खुद पर विश्वास ही मुश्किल समय में रास्ता दिखाता है।
- सकारात्मक सोच – यदि सोच सकारात्मक होगी, तो चुनौतियाँ भी अवसर बन जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भारत के बच्चे ही आने वाले समय में विज्ञान, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी में नई इबारत लिखेंगे।
स्कूल परिसर में जश्न का माहौल
पूरा स्कूल परिसर उत्साह और उमंग से भरा हुआ था। बच्चों ने शुभांशु शुक्ला से सवाल पूछे और उनके अनुभवों को ध्यान से सुना। हर बच्चा यह समझना चाहता था कि अंतरिक्ष तक पहुंचने का सफर कैसा होता है और इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।
सीएमएस प्रबंधन ने भी इस अवसर पर बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे अवसर विद्यार्थियों को जीवन में बड़ा सपना देखने और उसे पूरा करने की दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं।
“सीएमएस लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए उत्साह और आनंद का अवसर बना, बल्कि यह उन्हें जीवन में बड़ा सपना देखने, मेहनत करने और देश को गौरवान्वित करने की दिशा में प्रेरित भी कर गया। शुभांशु शुक्ला के शब्द और बच्चों का जोश आने वाले समय में निश्चित ही एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।”